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अमेरिका में गूंजी छत्तीसगढ़ की संस्कृति: सैन फ्रांसिस्को में मनाया गया राज्य स्थापना दिवस
Tue, 11 Nov 2025 02:32 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:32 PM IST
सार
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान और आभूषणों को प्रदर्शित करने वाला एक आकर्षक स्टॉल लगाया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। स्टॉल में राज्य के विशिष्ट उत्पादों और लोककला की झलक देखने को मिली।
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अमेरिका में गूंजी छत्तीसगढ़ की संस्कृति
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और कला ने अमेरिका की धरती पर अपनी चमक बिखेरी। सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें NACHA (North America Chhattisgarh Association) के बे एरिया चैप्टर ने विशेष भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान और आभूषणों को प्रदर्शित करने वाला एक आकर्षक स्टॉल लगाया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। स्टॉल में राज्य के विशिष्ट उत्पादों और लोककला की झलक देखने को मिली। विदेशी मेहमानों और भारतीय प्रवासियों ने छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।
लोकनृत्य बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का शानदार प्रदर्शन। पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत इस नृत्य ने न केवल भारतीय प्रवासी समुदाय को बल्कि अन्य देशों के अतिथियों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकनृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति की आत्मा और उसकी सादगी का जीवंत चित्रण किया गया।
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NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और लोकपरंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों में पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में जुटे हैं। यह आयोजन उनके लिए अपनी मातृभूमि से भावनात्मक जुड़ाव का अवसर बना।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में प्रेरणादायक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में पहचान दिला रहे हैं।
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कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान और आभूषणों को प्रदर्शित करने वाला एक आकर्षक स्टॉल लगाया गया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। स्टॉल में राज्य के विशिष्ट उत्पादों और लोककला की झलक देखने को मिली। विदेशी मेहमानों और भारतीय प्रवासियों ने छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।
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लोकनृत्य बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का शानदार प्रदर्शन। पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत इस नृत्य ने न केवल भारतीय प्रवासी समुदाय को बल्कि अन्य देशों के अतिथियों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकनृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति की आत्मा और उसकी सादगी का जीवंत चित्रण किया गया।
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NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और लोकपरंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों में पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में जुटे हैं। यह आयोजन उनके लिए अपनी मातृभूमि से भावनात्मक जुड़ाव का अवसर बना।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में प्रेरणादायक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में पहचान दिला रहे हैं।