फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Chhattisgarh: Ramgopal Agarwal sent to jail in liquor scam case; Bhupesh Baghel meet at court

छत्तीसगढ़: शराब घोटाले मामले में रामगोपाल अग्रवाल को जेल, पांच अगस्त तक बढ़ी रिमांड, कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल

Sat, 25 Jul 2026 11:25 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Sat, 25 Jul 2026 11:25 PM IST
सार

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को आज कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर पांच अगस्त तक के लिए जेल भेज दिया है। अग्रवाल पर शराब घोटाले, कोल लेवी (कोयला लेवी) और कस्टम मिलिंग से जुटाए गए अवैध पैसों को ठिकाने लगाने का आरोप है।

विज्ञापन
Chhattisgarh: Ramgopal Agarwal sent to jail in liquor scam case; Bhupesh Baghel meet at court
छत्तीसगढ़: शराब घोटाले मामले में रामगोपाल अग्रवाल को जेल - फोटो : Amar ujala digital

विस्तार

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को आज कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर पांच अगस्त तक के लिए जेल भेज दिया है। बड़ी और खास बात यह रही कि इस दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता रायपुर कोर्ट पहुंचे थे। जेल जाने से पहले रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। 

विज्ञापन



चर्चा में बघेल ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक रूप से बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। 
विज्ञापन


मनी लॉन्ड्रिंग का है आरोप
ईओडब्लयू और ईडी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल पर शराब घोटाले, कोल लेवी (कोयला लेवी) और कस्टम मिलिंग से जुटाए गए अवैध पैसों को ठिकाने लगाने (मनी लॉन्ड्रिंग) में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है। कोयला घोटाले से जुड़े 52 करोड़ रुपये के ट्रांसफर में देवेंद्र डड़सेना की भूमिका रही है। रामगोपाल अग्रवाल और देवेंद्र डड़सेना से करीब तीन घंटे तक संयुक्त पूछताछ की गई थी, लेकिन रामगोपाल किसी भी तरह की राशि के ट्रांसफर से इनकार कर दिये। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़े करीब 800 करोड़ रुपये इधर-उधर ट्रांसफर किए गए। हालांकि रामगोपाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शराब कारोबार में 3,400 करोड़ का घोटाला : जांच एजेंसी
ईडी और ईओब्डल्यू शराब घोटाले मामले की जांच कर रही है। कोयला घोटाला मामले में रिमांड अवधि खत्म होने के बाद ईओडब्ल्यू-एसीबी ने उन्हें शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार किया है। इस मामले में वे न्यायियक रिमांड पर थे। आज रिमांड खत्म होने पर रामगोपाल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां 5 अगस्त तक रिमांड पर भेज दिया गया। केंद्रीय एजेंसियों का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। एफआइआर में तत्कालीन आबकारी मंत्री, वरिष्ठ अफसरों, कारोबारियों और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

कथित कोयला घोटाला मामले में हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि रामगोपाल अग्रवाल को सबसे पहले कथित कोयला घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में वह पहले ही नौ दिन तक ईओडब्ल्यू की हिरासत में रह चुके हैं। इसी दौरान जांच एजेंसी ने उन्हें कथित शराब घोटाला प्रकरण में भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया, जिसके बाद दोनों मामलों में समानांतर पूछताछ की जा रही है।

Read more: छत्तीसगढ़: शराब घोटाले मामले में रामगोपाल अग्रवाल को जेल, पांच अगस्त तक बढ़ी रिमांड, कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल

सिंडिकेट बनाकर कमीशन वसूली का नेटवर्क
ईडी की जांच में दावा किया गया है कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में एक कथित सिंडिकेट बनाकर शराब कारोबार में कमीशन वसूली का नेटवर्क संचालित किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस सिंडिकेट में तत्कालीन आईएएस अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की अहम भूमिका सामने आई है।

तीन साल से फरार थे रामगोपाल
कोल लेवी घोटाले में नाम आने के बाद पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अग्रवाल ने फरारी के करीब तीन साल तक देश के अलग-अलग राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने करीब आठ देशों में अपनी फरारी काटी। कई शहरों में विशेष पूजा-पाठ भी करवाया था। आठ जुलाई 2026 को रामगोपाल ने ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद मेडिकल परीक्षण कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 9 जुलाई से 17 जुलाई तक की पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी। रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया और अब पांच अगस्त तक ईओडब्ल्यू की कस्टडी में भेज दिया गया है।

ईओडब्ल्यू का दावा- रामगोपाल ने घोटाले से जुटाए 800 करोड़
कोल लेवी स्कैम में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) का दावा है कि रामगोपाल ने पार्टी फंड के नाम पर लगभग 800 करोड़ रुपये जुटाए थे। ये रुपये अलग-अलग समय पर कांग्रेस कार्यालय में बोरी में भरकर पहुंचाये गये थे। जांच एजेंसी ने अग्रवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, ईओडब्ल्यू कोल लेवी घोटाले में उनसे पूछताछ कर रही है। ईओडब्ल्यू का दावा है कि रामगोपाल ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहते हुए पैसों की मॉनिटरिंग करते थे। कहां पर कितना पैसा भेजना है? कहां पर कितना खर्च करना है? किसे देना है? आदि बातों की जिम्मेदारी उनके पास ही रहती थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा करते हुए बताया कि फंड का मैनेजमेंट रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से होता था। कांग्रेस भवन में रुपये बोरी और कॉर्टून में भरकर लाये जाते थे। फिर इन पैसों को अलग-अलग तरीके से दिल्ली भेजा जाता था। फिलहाल, दिल्ली में पैसे कहां और किसे भेज गए हैं, इसकी जानकारी नहीं मिली है। 


सूर्यकांत के यहां मिली डायरी ने उगले राज
बता दें कि कोल लेवी घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के आवास पर ईओडब्ल्यू टीम ने साल 2022 में छापेमारी की थी। इस दौरान टीम को एक डायरी मिली थी। इस डायरी में पैसों के लेन-देन के जिक्र में रामगोपाल अग्रवाल का नाम शामिल था। इस मामले को लेकर ईओडब्ल्यू जांच कर रही थी। आठ जुलाई 2026 को रामगोपाल अग्रवाल ने सरेंडर किया था। 







चुनावी फंडिंग में रकम का उपयोग
बता दें कि ईओडब्ल्यू ने छापेमारी के दौरान अवैध वसूली की रकम बोरे में भरकर कांग्रेस भवन लाने और यह रकम शराब कारोबारी और रायपुर नगर निगम के पूर्व मेयर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, सूर्यकांत तिवारी और रोशन चंद्राकर की ओर से दिल्ली भेजे जाने का आरोप लगाया है। इस रकम का उपयोग चुनावी फंडिंग के लिये किया जाता था। ईओडब्ल्यू इस तरह के कई मामलों को लेकर जांच कर रही है।




अग्रवाल के पास पहुंचता था घोटाले का हिस्सा
जांच में मिले दस्तावेजों को ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में पेश कर दावा करते हुए कहा कि अग्रवाल के पास घोटाले की रकम का हिस्सा पहुंचता था। उनके निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने भी अपने बयान में कहा है कि कथित कोल लेवी घोटाले की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी। वहां से इस राशि का नियंत्रण अग्रवाल के पास रहता था। इसके खर्च का भी बकायदा हिसाब रखा जाता था। जांच के दौरान एक हजार करोड़ का हिसाब मिला है। इसमें केवल कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपए सीधे रामगोपाल तक पहुंचे। 

Read more: CGPSC पेपर लीक: पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी गिरफ्तार, कोर्ट ने ईडी को सात दिन की रिमांड पर सौंपा






मिले कई  इनपुट 
जांच एजेंसी के मुताबिक, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा है कि दीपेन चावड़ा के जरिये करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन पहुंचाये गये थे। दूसरी ओर निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम अग्रवाल तक पहुंचाने की बात कबूल की है। इसके साथ ही सूर्यकांत तिवारी के पास मिली डायरी में रकम का जिक्र है। अन्य माध्यमों से भी टुकड़ों में रकम दिए जाने के इनपुट मिले हैं। गवाहों के बयान को को लेकर क्रॉस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed