पैसे नहीं थे तो अस्पताल ने रोका गर्भवती का इलाज, पति गिडगिड़ाता, रहा पत्नी की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक दर्दनाक वाक्या सामने आ रहा है जहां एक गर्भवती महिला की पैसे के अभाव में इलाज और खून न मिलने के कारण मौत हो गई।
महिला के पेट में पल रहा भ्रूण पांच दिन पहले खत्म हो गया था जिसके बाद महिला को उचित इलाज नहीं मिल सका नतीजतन उसकी भी मौत हो गई। महिला के पति ने बताया कि उसने डॉक्टरों की बहुत खुशामद की लेकिन उन्होंने पैसे न होने के कारण उसे अस्पताल से बाहर निकाल दिया।
जानकारी के अनुसार मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा का है। जहां सरस्वती नाम की गर्भवती महिला को पेट में दर्द की शिकायत पर एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
महिला के पति गुलाबदास ने बताया कि डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू कर बताया कि उसकी पत्नी के पेट में पल रहे भ्रूण की मौत हो गई है जिसे निकालने के लिए दस हजार रुपये का खर्चा आएगा। इसके अलावा उसे खून भी चढ़ाया जाना है।
भ्रूण की मौत से पेट में हो गया संक्रमण, जिससे हुई महिला की मौत
गुलाबदास ने बताया कि मैंने डॉक्टरों से विनती की कि मैं पैसे का इंतजाम कर दूंगा आप उसका इलाज जारी रखिए। आरोप है कि यह सुनते ही डॉक्टरों ने उसका इलाज रोक दिया और उसकी पत्नी को अस्पताल से बाहर कर दिया।
इसके बाद पति पत्नी कई अस्पताल पहुंचे लेकिन किसी ने भी बिना पैसे लिए महिला का इलाज करने से इंकार कर दिया। इसी कवायद में पति पत्नी पांच दिन तक अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन कहीं उनकी सुनवाई नहीं हुई।
इसी बीच मरे भ्रूण के कारण महिला के पेट में संक्रमण हो गया जिससे मंगलवार को उसकी मौत हो गई। वहीं महिला की मौत के बाद छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने मामले में संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।