फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   chhattisgarh pds

परिवार 56 लाख, मगर राशन कार्ड 70 लाख

Wed, 02 Jul 2014 11:30 AM IST
आलोक प्रकाश पुतुल/छत्तीसगढ़ से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
आलोक प्रकाश पुतुल/छत्तीसगढ़ से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए Updated Wed, 02 Jul 2014 11:30 AM IST
विज्ञापन
chhattisgarh pds

जिस सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को लेकर छत्तीसगढ़ को देश भर में सराहा गया था, अब उसकी गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में राशन कार्ड के सत्यापन और उसे निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

विज्ञापन


इस मसले पर विपक्षी कांग्रेस हर ज़िले में धरना प्रदर्शन कर रही है। तो वहीं बलौदा बाज़ार-भाटापारा ज़िले में तो राशन कार्ड का सत्यापन करने वाले अधिकारियों को पुलिस संरक्षण में काम करना पड़ा है।
विज्ञापन


'बच्चों के नाम राशन कार्ड'

लेकिन राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पुन्नूलाल मोहले कहते हैं, “पिछले साल भी तीन लाख कार्ड काटे गए थे। इसमें किसी को आक्रोशित होने की जरूरत नहीं है।”
विज्ञापन
विज्ञापन


असल में छत्तीसगढ़ में यह शुरू से विवाद का विषय रहा है कि राज्य में कुल कितने लोग ग़रीबी रेखा से नीचे हैं और सरकार कितने लोगों को रियायती दर पर चावल, दाल, शक्कर और नमक दे रही है?

दो साल पहले बने छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को दो रुपए किलो के हिसाब से 35 किलो चावल के साथ-साथ नमक, चना, दाल बांटा जाता है।

अब छत्तीसगढ़ में परिवारों की संख्या भले ही कुल 56 लाख हो लेकिन राशन कार्ड 70 लाख परिवारों के नाम हैं और हर महीने इन्हें राशन बांटा जा रहा है। ऐसी ही जांच में जुटे एक सरकारी अधिकारी पी खूंटे का कहना है कि एक वार्ड में कुल एक हज़ार घर हैं, जबकि उस वार्ड में तीन हज़ार राशन कार्ड हैं।

'नया कार्ड नहीं बनाते'

रायपुर के बुढ़ापारा इलाक़े की रमा बाई सवाल पूछने पर दुखी हो गईं और बोलीं, "हम लोग 13 लोग हैं घर में और एक राशन कार्ड है। 35 किलो चावल मिलता है।"

रमा कहती हैं, "हम सब मेहनत मज़दूरी करने वाले लोग है। तीन साल से हम लोग कह रहे हैं कि साहब नया कार्ड बना दो लेकिन सत्यापन-सत्यापन करते हैं। नया कार्ड नहीं बनाते।"

राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पुन्नूलाल मोहले का कहना है कि सत्यापन एक सामान्य प्रक्रिया है और जिनके भी राशन कार्ड अवैध पाए जाएंगे, उनका राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा।

लेकिन क्या ऐसे फ़र्ज़ी राशन कार्ड बनाने वाले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी? पुन्नूलाल मोहले इस सवाल के जवाब में सत्यापन की प्रक्रिया समझाने लग जाते हैं।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कहते हैं कि राज्य सरकार ने वोट पाने के लिए 14 लाख परिवारों के कार्ड बनाए थे और उसी के सहारे धोखा देकर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाई है।


जोगी कहते हैं, "चुनाव होते ही उन सबके कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। जो कार्ड निरस्त हो रहे हैं, वो ग़रीब लोगों के कार्ड निरस्त हो रहे हैं। जो भाजपा समर्थक हैं या जो बड़े लोग हैं, ग़रीबी रेखा से ऊपर हैं, उनके कार्ड निरस्त नहीं हो रहे हैं।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed