फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   chhattisgarh naxal combat missing cobra battalion soldier found

नक्सलियों का संदेश: व्हाट्सएप कॉल पर नक्सलियों ने पत्रकार से कहा- लापता जवान हमारे कब्जे में, कोई नुकसान नहीं

Mon, 05 Apr 2021 05:08 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 05 Apr 2021 05:08 PM IST
सार

नक्सली हमले में 22 जवान हुए थे शहीद
मुठभेड़ में 15 नक्सली भी ढेर
लापता जवान जम्मू-कश्मीर का है निवासी
 

विज्ञापन
chhattisgarh naxal combat missing cobra battalion soldier found
बीजापुर में सर्च ऑपरेशन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पिछले दिनों हुए नक्सली हमले के बाद लापता जवान नक्सलियों के कब्जे में हैं। नक्सलियों ने इसकी जानकारी खुद मीडिया को दी है। व्हाट्स एप कॉल के जरिए नक्सलियों ने पत्रकार को बताया कि लापता जवान हमारे पास हैं और उसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। वह सुरक्षित है। बता दें कि हमले के बाद नक्सलियों ने कुछ जवानों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर जंगल की ओर ले गए थे। इसमें एक कोबरा बटालियन का एक जवान राकेश्वर सिंह मन्हास भी है। राकेश्वर सिंह जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। रविवार को बीजापुर एसपी कमल लोचन ने इस जवान की लोकेशन नहीं मिलने की बात बताई थी।

विज्ञापन

सुरक्षा एजेंसी ने भी नक्सलियों के दावे को स्वीकारा
गौरतलब है कि नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए थे। सात कोबरा कमांडो सहित सीआरपीएफ (केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल) के आठ जवान, डीआरजी के आठ जवान, विशेष कार्यबल के पांच जवान और बस्तरिया बटालियन का एक जवान शामिल है। एयरपोर्स की मदद से 21 जवानों के शव को निकाला गया था। लेकिन 1 जवान लापता था।  वहीं सुरक्षा एजेंसियां लापता जवान के नक्सलियों के पास होने के दावे की जांच कर रही है। सुरक्षा प्रतिष्ठान के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि तथाकथित माओवादियों ने बीजापुर के एक पत्रकार को फोन किया है वह दावा सच है।
विज्ञापन


जंगल में सुरक्षाबलों की कई इंकाइया मौजूद
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘‘हम अभी तक 210वीं कोबरा बटालियन के कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास का पता नहीं लगा सके हैं। हालांकि, उनके अपहरण के नक्सलियों के दावे की पुष्टि के लिए हमारे पास ठोस सबूत नहीं हैं।’’ उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों की कई इकाइयां अभी भी जंगलों में हैं और वे जम्मू निवासी कमांडो की तलाश कर रही हैं तथा नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। कांस्टेबल मिन्हास शनिवार की सुबह नक्सल-रोधी अभियान पर गई टुकड़ी का हिस्सा थे। हालांकि एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उनका सहयोगी हमले में शहीद हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माओवादियों के खिलाफ अभियान चलना मकसद
बता दें कि कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) सीआरपीएफ की 2009 में गठित विशेष इकाई है जिसका काम खुफिया सूचनाओं के आधार पर माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed