CG: हायर एजुकेशन में बदलाव; किसी भी कोर्स के लिए कंप्यूटर पढ़ना जरूरी, 23 एक्सपर्ट प्रोफेसर्स ने लगाई मुहर
छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सिटी और कॉलेज में पढ़ाई जुलाई से शुरू होने वाली है। इस साल नए सेशन में कई बदलाव दिख सकता है। हर चार दशक के बाद एक फिर उच्च शिक्षा में बदलाव दिखाई देगा। सभी निजी और सरकारी कॉलेजों-यूनिवर्सिटी में नए कोर्स से पढ़ाई होगी।
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छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सिटी और कॉलेज में पढ़ाई जुलाई से शुरू होने वाली है। इस साल नए सेशन में कई बदलाव दिख सकता है। हर चार दशक के बाद एक फिर उच्च शिक्षा में बदलाव दिखाई देगा। सभी निजी और सरकारी कॉलेजों-यूनिवर्सिटी में नए कोर्स से पढ़ाई होगी। इस साल आने वाले नए सिलेबस को रोजगार मूलक बताया जा रहा है। राज्य की सिलेबस में 1986 के बाद बदलाव किया गया है। छत्तीसगढ़ नया राज्य बनने के बाद सामान्य बदलाव होते रहे हैं। इस नए सिलेबस को केंद्रीय अध्ययन मंडल ने बनाया है। इसे बनाने में 23 विशेषज्ञ सीनियर प्रोफेसरों और शिक्षाविदों की सहायता ली गई है।
40 साल के बाद आने वाले नए सिलेबस को पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान से देखा जा रहा है। किसी भी कोर्स को पढ़ने के लिए कंप्यूटर कोर्स पढ़ना जरूरी है। क्योंकि समय के साथ साथ इसकी जरूरत भी है। वहीं ऑनर्स का कोर्स करने वाले विघार्थी भी पीएचडी डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। उसे 75 प्रतिशत अंकों से पास करना होगा। उच्च शिक्षा विभाग के संचालनालय ने सभी विश्वविद्यालयों में कुल सचिवों का आदेश जारी किए हैं। वहीं केंद्रीय अध्ययन मंडल की ओर से बनाए गए सिलेबस को लागू करने को कहा गया है।
इसमें काफी बदलाव देखने को मिलेगा। बता दें कि नए सिलेबस के रिजल्ट में ग्रेड सिस्टम है। इस कोर्स के आने के बाद अब छात्रों को कॉलेज में उपस्थित होना अनिवार्य है। इससे छात्रों को लगातार असाइनमेंट भी मिलेंगे और आंतरिक मूल्यांकन भी होगा। रोजाना कॉलेज आने वाले छात्रों के लिए फायदा है। क्योंकि यूनिट टेस्ट में क्रेडिट नंबर जोड़ा जाएगा। इस सभी चीजों को देखने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जिम्मेदार बनाएगा।