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छत्तीसगढ़ सरकार ने मनरेगा के तहत मजदूरों को किया 548 करोड़ रुपये का भुगतान
Wed, 06 May 2020 01:10 PM IST
आसिम खान
पीटीआई, रायपुर
पीटीआई, रायपुर
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 06 May 2020 01:10 PM IST
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छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत अप्रैल महीने में नए और पुराने कार्यों को मिलाकर 548 करोड़ 41 लाख रुपये मजदूरी का भुगतान किया गया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत शुरू किए गए कार्यों से कोविड-19 के नियंत्रण के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत है।
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लॉकडाउन के बाद अप्रैल महीने में ही नए और पुराने कार्यों को मिलाकर कुल 548 करोड़ 41 लाख रुपये का मजदूरी का भुगतान किया गया है। राज्य शासन द्वारा सामग्री मद में भुगतान के लिए भी 210 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 50 दिन के अतिरिक्त रोजगार के लिए 76 करोड़ 94 लाख रुपये भी शीघ्र जारी किए जाएंगे।
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अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 के चलते विपरीत परिस्थितियों में श्रमिकों के हाथों में राशि पहुंचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ा है। इसने रोजगार की चिंता से मुक्त करने के साथ ही ग्रामीणों की क्रय-क्षमता भी बढ़ाई है। उन्होंने बताया कि राज्य की मनरेगा इकाई और ग्राम पंचायतों ने मिशन मोड पर काम करते हुए अप्रैल माह में ही एक करोड़ 23 लाख मानव दिवस से अधिक का रोजगार सृजन किया है।
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अधिकारियों ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष 2020-21 के पहले दिन एक अप्रैल को राज्य में मनरेगा श्रमिकों की संख्या केवल 57 हजार 536 थी। लॉकडाउन के दौरान गांवों में काम की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार ने मनरेगा कार्य शुरू किया। महीने के आखिर में 30 अप्रैल को यह संख्या 19 लाख 85 हजार 166 तक जा पहुंची।
उन्होंने बताया कि इस दौरान मनरेगा जॉब कॉर्डधारी 10 लाख 24 हजार परिवारों को एक करोड़ 23 लाख से अधिक मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया। मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण कर श्रमिकों को त्वरित भुगतान भी किया गया। अप्रैल माह में काम करने वालों को 200 करोड़ रुपये से अधिक की मजदूरी भुगतान किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में संचालित मनरेगा कार्यों में कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के सभी उपायों तथा केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है।