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Chhattisgarh: बिना बताए हड़ताल पर गए कर्मचारी तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई, सरकार का फरमान

Tue, 30 Aug 2022 03:51 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 30 Aug 2022 03:51 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी 34 फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) के साथ अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर 22 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इससे पहले ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ’ के अंतर्गत आने वाले राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 25 जुलाई से 29 जुलाई तक पांच दिनों की हड़ताल की थी।

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Chhattisgarh government ordered disciplinary action against employees officers who are on indefinite strike
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ की हड़ताल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्तिकालीन हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। राज्य सरकार के मुताबिक, अगर कर्मचारी बिना पहले से स्वीकृति के सामूहिक अवकाश या हड़ताल में शामिल होते हैं, तो उन्हें इस अवधि का वेतन और अन्य लाभ देय नहीं होंगे।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी 34 फीसदी महंगाई भत्ता (डीए) के साथ अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर 22 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इससे पहले ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ’ के अंतर्गत आने वाले राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 25 जुलाई से 29 जुलाई तक पांच दिनों की हड़ताल की थी।
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छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कर्मचारी संगठनों के बुलावे पर जो कर्मचारी 25 जुलाई से 29 जुलाई तक की अवधि में हड़ताल में थे उन्हें 25 जुलाई से 29 जुलाई तक अवकाश पर माना जाएगा और इसे स्वीकृत करते हुए वेतन भुगतान किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि जो कर्मचारी 25 जुलाई से 29 जुलाई तक हड़ताल में थे और 22 अगस्त से लगातार हड़ताल में हैं उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि बिना पूर्व स्वीकृति के सामूहिक अवकाश पर जाने की दशा में अथवा हड़ताल की अवधि का वेतन इत्यादि देय नहीं होगा न ही इस प्रकार की अनुपस्थिति के दिवसों का अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। इस अवधि को ‘सेवा में व्यवधान’ (ब्रेक-इन-सर्विस) माना जाएगा।

उन्होंने बताया कि निर्देश में कहा गया है कि जब कभी शासकीय सेवकों द्वारा इस प्रकार की हरकतें की जाएं तो ऐसी जबरदस्त अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ गुणदोषों के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश सक्षम अधिकारी दे सकेंगे। इस महीने की 13 तारीख को महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की थी, जिसके बाद डीए में छह प्रतिशत की वृद्धि करने की सहमति दी गई थी। साथ ही सातवें वेतनमान के आधार पर ‘एचआरए’ में बढ़ोतरी की मांग पर विचार करने का भी आश्वासन दिया था।


छत्तीसगढ़ सरकार ने 16 अगस्त को राज्य में सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में छह फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की, लेकिन कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हुए तथा 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। राज्य में कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के कारण शासकीय कार्यालयों में काम नहीं हो रहे हैं तथा लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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