{"_id":"5fc20c728ebc3eefb87e0545","slug":"chhattisgarh-government-gave-100-days-work-under-manrega-scheme-in-the-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा के तहत एक लाख से ज्यादा परिवारों को मिला सौ दिनों का रोजगार - छत्तीसगढ़ सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा के तहत एक लाख से ज्यादा परिवारों को मिला सौ दिनों का रोजगार - छत्तीसगढ़ सरकार
Sat, 28 Nov 2020 02:08 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 28 Nov 2020 02:08 PM IST
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ सरकार के मुताबिक राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत एक लाख से अधिक परिवारों को सौ दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया गया है और इसने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान किया है।
विज्ञापन
राज्य में जनसंपर्क विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 1,21,740 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार मुहैया कराने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में छठवें स्थान पर है।
विज्ञापन
राज्य में वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों को भी मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में काम दिया रहा है। इस साल में अब तक ऐसे 19,799 परिवारों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है और इस मामले में छत्तीसगढ़ देश में ओड़िशा के बाद दूसरे स्थान पर है।
विज्ञापन
सरकारी बयान के अनुसार देश में मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत से अधिक है। राज्य सरकार ने कोविड-19 के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर मनरेगा कार्य शुरू करने का निर्देश दिया था जिससे गांवों और वनांचलों में लगातार लोगों को काम मिलता रहा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही।
चालू वित्तीय वर्ष के शुरूआती सात-आठ महीनों में ही मनरेगा श्रमिकों को 100 दिनों से ज्यादा का रोजगार मिलने से उन्हें आर्थिक संबल मिला है। राज्य में मनरेगा श्रमिकों को 100 दिनों से अधिक का रोजगार देने में कबीरधाम जिला सबसे आगे है जहां इस वर्ष अब तक 8,971 परिवारों को 100 दिनों से ज्यादा का काम उपलब्ध कराया गया है।