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Chhattisgarh: भाजपा नेता और पूर्व आईएएस ओपी चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, जानें क्या है मामला
Sat, 11 Jun 2022 09:54 PM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला ब्यूरो, कोरबा
अमर उजाला ब्यूरो, कोरबा
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 11 Jun 2022 09:54 PM IST
सार
कोरबा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक वर्मा ने कहा कि मधुसूदन दास यादव की शिकायत पर यहां बकीमोंगरा पुलिस स्टेशन में चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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भाजपा नेता व पूर्व आईएएस ओपी चौधरी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक खुली खदान से कोयला चोरी का कथित फर्जी वीडियो ट्वीट करने के आरोप में भाजपा नेता और पूर्व आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कोरबा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक वर्मा ने कहा कि मधुसूदन दास यादव की शिकायत पर यहां बकीमोंगरा पुलिस स्टेशन में चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारी ने कहा कि बकीमोंगरा इलाके के निवासी यादव ने शिकायत की थी कि चौधरी ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक फर्जी वीडियो पोस्ट किया था।
भाजपा नेता ओपी चौधरी ने 18 मई को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें कहा गया था कि कोरबा की गेवरा खदान से हजारों मजदूर और सैकड़ों वाहन कोयला चोरी में लगे हुए हैं।
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वीडियो में बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं को कुल्हाड़ियों और अनय उपकरणों के साथ एक खुली खदान की खुदाई करते हुए दिखाया गया था जबकि उनमें से कुछ बोरियों में कोयला भर रहे थे जिसे लोग पीठ और कंधों पर ले जा रहे थे।
भाजपा की राज्य इकाई ने सचिव चौधरी ने मामला दर्ज करने के लिए पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि वह जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं।
चौधरी ने कहा, "मैंने वह वीडियो साझा जो पहले से ही वायरल था। वास्तव में मेरे द्वारा इसे साझा करने के बाद बिलासपुर के पुलिस महानिरीक्षक ने वीडियो की जांच का आदेश दिया और कोरबा कलेक्टर ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों का दौरा किया और कहा कि खदानों में सुरक्षा का अभाव है। पुलिस कोयला चोरी में लिप्त संगठित माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय मेरे खिलाफ कार्रवाई कर रही है।"
रायपुर के पूर्व कलेक्टर चौधरी ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले सेवा से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछले महीने वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महानिरीक्षक (बिलासपुर रेंज) रतनलाल डांगी ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट बिलासपुर के प्रभारी के नेतृत्व में जांच का आदेश दिया था।
कोरबा के पुलिस अधीक्षक बोजराम पटेल ने तब दीपका पुलिस स्टेशन और हरदीबाजार पुलिस चौरी के स्टेशन हाउस अधिकारियों को हटा दिया था और उन्हें कोरबा पुलि लाइन में स्थानांतरित कर दिया था।
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कोरबा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक वर्मा ने कहा कि मधुसूदन दास यादव की शिकायत पर यहां बकीमोंगरा पुलिस स्टेशन में चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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अधिकारी ने कहा कि बकीमोंगरा इलाके के निवासी यादव ने शिकायत की थी कि चौधरी ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक फर्जी वीडियो पोस्ट किया था।
भाजपा नेता ओपी चौधरी ने 18 मई को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें कहा गया था कि कोरबा की गेवरा खदान से हजारों मजदूर और सैकड़ों वाहन कोयला चोरी में लगे हुए हैं।
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वीडियो में बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं को कुल्हाड़ियों और अनय उपकरणों के साथ एक खुली खदान की खुदाई करते हुए दिखाया गया था जबकि उनमें से कुछ बोरियों में कोयला भर रहे थे जिसे लोग पीठ और कंधों पर ले जा रहे थे।
भाजपा की राज्य इकाई ने सचिव चौधरी ने मामला दर्ज करने के लिए पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि वह जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं।
चौधरी ने कहा, "मैंने वह वीडियो साझा जो पहले से ही वायरल था। वास्तव में मेरे द्वारा इसे साझा करने के बाद बिलासपुर के पुलिस महानिरीक्षक ने वीडियो की जांच का आदेश दिया और कोरबा कलेक्टर ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों का दौरा किया और कहा कि खदानों में सुरक्षा का अभाव है। पुलिस कोयला चोरी में लिप्त संगठित माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय मेरे खिलाफ कार्रवाई कर रही है।"
रायपुर के पूर्व कलेक्टर चौधरी ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले सेवा से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। पिछले महीने वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महानिरीक्षक (बिलासपुर रेंज) रतनलाल डांगी ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट बिलासपुर के प्रभारी के नेतृत्व में जांच का आदेश दिया था।
कोरबा के पुलिस अधीक्षक बोजराम पटेल ने तब दीपका पुलिस स्टेशन और हरदीबाजार पुलिस चौरी के स्टेशन हाउस अधिकारियों को हटा दिया था और उन्हें कोरबा पुलि लाइन में स्थानांतरित कर दिया था।