{"_id":"5c136267bdec221bc15bef3d","slug":"chhattisgarh-election-results-2018-ts-singh-deo-front-runner-for-cm-post","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: बाबा के नाम से लोकप्रिय हैं टीएस सिंहदेव, सीएम रेस में इसलिए सबसे आगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: बाबा के नाम से लोकप्रिय हैं टीएस सिंहदेव, सीएम रेस में इसलिए सबसे आगे
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 14 Dec 2018 01:27 PM IST
विज्ञापन
सीएम रेस मेंं टीएस सिंहदेव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश में भले ही सीएम पद पर कांग्रेस ने नाम तय कर लिया हो, लेकिन छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पेच अब भी बरकरार है। राजस्थान को लेकर पहले से ही अंदेशा था लेकिन छत्तीसगढ़ में भी पेच फंसेगा इसकी उम्मीद नहीं थी। यहां सीएम पद के दो बड़े दावेदार हैं। टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल। इनमें सिंहदेव का पलड़ा भारी बताया जा रहा है।
सिंहदेव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। इस चुनाव में उन्होंने अंबिकापुर से अनुराग सिंहदेव को 39,624 वोटों से हराया। दरभा घाटी में नक्सली हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद सिंहदेव ने पार्टी को खड़ा किया। इन पांच सालों में वह प्रदेश में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे।
विज्ञापन
बात करें अन्य दावेदारों की तो भूपेश बघेल को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है ताकि उनकी संतुलन बना रहे। प्रदेश अध्यक्ष का पद ताम्रध्वज को दिया जा सकता है जिन्हें इस बार चुनाव लड़ाया गया था। 2014 में वह मोदी लहर में भी लोकसभा चुनाव में जीते थे। उनके जरिए पिछड़े वर्ग और साहू वोटरों को साधने की कोशिश होगी।
विज्ञापन
बाबा के नाम से लोकप्रिय
टीएस सिंहदेव यहां बाबा के नाम से लोकप्रिय हैं। घर घर में उनका नाम जाना-पहचाना है। मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी उम्रदराज नेता सिंहदेव को कमान मिल सकती है। कांग्रेस यहां एक तीर से कई निशाने साधना चाहती है। सिंहदेव को इसलिए कमान दी जा सकती है क्योंकि वह सबसे ज्यादा अनुभवी हैं, विवादों से दूर रहते हैं और अन्य नेताओं से उनका तालमेल भी अच्छा है।
विज्ञापन
सिंहदेव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। इस चुनाव में उन्होंने अंबिकापुर से अनुराग सिंहदेव को 39,624 वोटों से हराया। दरभा घाटी में नक्सली हमले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद सिंहदेव ने पार्टी को खड़ा किया। इन पांच सालों में वह प्रदेश में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे।
विज्ञापन
सरगुजा राजपरिवार के वारिस
सरगुजा राजपरिवार के वारिस 66 साल के सिंहदेव भाजपा के अनुराग सिंहदेव को तीन बार पटखनी दे चुके हैं। उनरा रुतबा पूरे छत्तीसगढ़ में हैं। यहां उनकी लोकप्रियता इस कदर है कि लोग उन्हें बाबा कहकर पुकारते हैं। उन्हें अगर सीएम का पद सौंपा जाएगा तो इसकी सबसे बड़ी वजह उनकी लोकप्रियता ही होगी।बात करें अन्य दावेदारों की तो भूपेश बघेल को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है ताकि उनकी संतुलन बना रहे। प्रदेश अध्यक्ष का पद ताम्रध्वज को दिया जा सकता है जिन्हें इस बार चुनाव लड़ाया गया था। 2014 में वह मोदी लहर में भी लोकसभा चुनाव में जीते थे। उनके जरिए पिछड़े वर्ग और साहू वोटरों को साधने की कोशिश होगी।