फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   chhattisgarh election 2018: villagers in Bastar appeal not to put ink after voting fearing Naxals

मतदान के बाद अंगुली पर स्याही न लगाएं नहीं तो नक्सली मार देंगे, बस्तर के ग्रामीणों की गुहार

Wed, 10 Oct 2018 08:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Updated Wed, 10 Oct 2018 08:59 AM IST
विज्ञापन
chhattisgarh election 2018: villagers in Bastar appeal not to put ink after voting fearing Naxals
maoist
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का खौफ इस कदर समाया हुआ है कि लोग चुनाव में मतदान करने से भी कतराते हैं। नक्सलियों ने ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार करने का एलान कर रखा है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में लोग चुनाव में मतदान कर अपनी भागीदार करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से अपनी पहचान गुप्त रखने की गुहार लगाई है। 
विज्ञापन


छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बस्तर के लोग विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं। लेकिन चुनाव में इसकी पहचान के लिए स्याही नहीं लगवाना चाहते। वोटर जागरूकता अभियान के दौरान बस्तर के लोगों ने बीजापुर और सुकमा कलेक्टर को बताया, "वोट डालने के बाद हमारी अंगुली पर स्याही न लगाई जाए, नहीं तो इस स्याही को देखकर नक्सली हमें मार देंगे। हम मतदान करना चाहते हैं, लेकिन नक्सलियों का डर है।" 
विज्ञापन


वहीं ग्रामीणों की इस मांग पर सीईओ सुब्रत साहू का कहना है कि मुद्दा विचाराधीन है, आयोग मतदान की तारीख के समय ही अंतिम फैसला लेगा। 

बता दें कि छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवंबर को चुनाव होंगे। वहीं दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान कराए जाएंगे। जिसमें बस्तर की 12 सीटों पर पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वोटिंग के बाद नक्सलियों का खौफ

नक्सली मतदान के बाद गांव-गांव में घूमकर ग्रामीणों के हाथ देखते हैं। अगर किसी की अंगुली पर स्याही के निशान पाए गए तो उसे परेशान किया जाता है। चुनाव में मतदान करने पर हत्या तक करने के मामले सामने आए हैं। इसलिए ग्रामीण मतदान में हिस्सा नहीं लेते। 


बीते चुनावों में बस्तर के अंदरूनी जिले सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में 100 से अधिक ऐसे बूथ सामने आए थे, जहां एक फीसदी से कम मतदान हुआ। 

चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा भी चुनौती

सुरक्षाबलों द्वारा चुनाव अधिकारियों को बूथ तक पहुंचाना भी एक बड़ी समस्या है। कई ऐसे बूथ हैं जहां तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं है, ऐसी स्थिति में सुरक्षाबल कई किलोमीटर पैदल चलकर और नक्सलियों से अधिकारियों को सुरक्षित रखते हुए पहुंचाने का काम करते हैं। इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिये इस बार चुनाव आयोग प्लानिंग कर रहा है। 
 
जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के 1 करोड़ 81 लाख से अधिक मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए इस बार 23 हजार 411 मतदान केंद्र चिन्हित किये है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed