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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: नक्सलियों से मुकाबला करेंगी आरपीएफ की 40 कंपनियां
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 22 Oct 2018 01:19 PM IST
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नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। मतदान की तारीख के एलान के बाद राज्य के कई इलाकों में नक्सलियों ने मतदाताओं को धमकी भी दी है। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हों और किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो इसके लिए आरपीएफ की 40 कंपनियां सूबे में भेजी जा रही हैं। इन टुकड़ियों को सीधे नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात किया जाएगा।
यह पहला मौका है जब प्रदेश में आरपीएफ के जवानों को इतनी बड़ी संख्या में तैनात किया जाएगा। आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए आरपीएफ की 35 कंपनियों की मांग की गई थी, लेकिन कुछ दिनों पहले पांच कंपनियों की और मांग की है, इसलिए दिल्ली से इस बार कुल 40 आरपीएफ की कंपनियां 30 अक्टूबर को प्रदेश में दस्तक देंगी। उसके बाद जवानों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होना निश्चित किया गया है।
विधानसभा चुनाव के पहले चरण में करीब 750 कंपनियां तैनात की जाएंगी। चुनाव के दौरान जवानों के लिए कड़ी चुनौती है, क्योंकि नक्सल क्षेत्र में घात लगाए बैठे नक्सली सड़कों पर आइईडी बम लगाकर गाड़ियों को अपना निशाना बनाते हैं। ऐसे में जवानों को पोलिंग पार्टियों को चुनाव कराकर बूथ से शांतिपूर्ण तरीके से वापस लाना बड़ी चुनौती होगी।
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गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कुल 550 कंपनियां तैनात की गई थीं। उसके बाद भी नक्सलियों ने आइडी बम लगाकर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की थी।
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यह पहला मौका है जब प्रदेश में आरपीएफ के जवानों को इतनी बड़ी संख्या में तैनात किया जाएगा। आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए आरपीएफ की 35 कंपनियों की मांग की गई थी, लेकिन कुछ दिनों पहले पांच कंपनियों की और मांग की है, इसलिए दिल्ली से इस बार कुल 40 आरपीएफ की कंपनियां 30 अक्टूबर को प्रदेश में दस्तक देंगी। उसके बाद जवानों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होना निश्चित किया गया है।
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विधानसभा चुनाव के पहले चरण में करीब 750 कंपनियां तैनात की जाएंगी। चुनाव के दौरान जवानों के लिए कड़ी चुनौती है, क्योंकि नक्सल क्षेत्र में घात लगाए बैठे नक्सली सड़कों पर आइईडी बम लगाकर गाड़ियों को अपना निशाना बनाते हैं। ऐसे में जवानों को पोलिंग पार्टियों को चुनाव कराकर बूथ से शांतिपूर्ण तरीके से वापस लाना बड़ी चुनौती होगी।
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गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कुल 550 कंपनियां तैनात की गई थीं। उसके बाद भी नक्सलियों ने आइडी बम लगाकर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की थी।