सीएम बघेल ने छापेमारी को बताया राजनीति से प्रेरित, पीएम मोदी को लिखा पत्र
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पत्र में बघेल ने कहा कि यह अजीब इत्तेफाक है कि आयकर विभाग की छापेमारी उस वक्त की गई है जब राज्य सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार के समय हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले की जांच शुरू की।
मुख्यमंत्री ने कहा, मैं सादर कहना चाहता हूं कि केंद्र सरकार के वित्त/गृह मंत्रालय के उस सहयोगात्मक संघवाद के विचार का अनादर हैं जिसके बारे में आप अक्सर बातें करते हैं। भारत सरकार की एजेंसियों के कदम एक तरफ से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से उठाए गए कदम हैं और दूसरी तरफ ये हमारे लोकतंत्र की बुनियाद के लिए खतरा है।
बघेल ने सवाल किया कि छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ के जवानों का इस्तेमाल क्यों किया गया जबकि इनका इस्तेमाल बहुत ही विकट परिस्थतियों में किया जाता है।
दरअसल, आयकर विभाग ने 27 फरवरी से छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की है।
छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों को हर महीने हो रहा अवैध धन का भुगतान: सीबीडीटी
वहीं, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आज कहा कि छत्तीसगढ़ में हर महीने में सरकारी कर्मचारियों को घूस दी जा रही है। यह बात आयकर विभाग द्वारा सरकारी अधिकारियों समेत कई लोगों के घरों व परिसरों की ली गयी तलाशी से से पता चलती है। सीबीडीटी ने कहा कि 27 फरवरी को कुछ लोगों, हवाला कारोबारियों तथा कारोबारियों के यहां रायपुर में तलाशी के बाद अबतक 150 करोड़ रुपये का बेहिसाब लेन-देन का पता चला है। इसमें 25 परिसरों की तलाशी ली गई। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि गड़बड़ी करने से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किए गए। इससे पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों और अन्य को अवैध तरीके से हर महीने पैसे दिये जा रहे हैं।