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Chhattisgarh Board Exam: गौरेला पेंड्रा मरवाही में लाउडस्पीकर पर पाबंदी, नहीं फोड़ सकेंगे पटाखे, इस दिन तक रोक

Mon, 27 Feb 2023 08:21 PM IST
अभिषेक वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही Published by: अभिषेक वर्मा Updated Mon, 27 Feb 2023 08:21 PM IST
सार


छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा और विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को देखते हुए जिले में लाउडस्पीकर व ध्वनी विस्तार यंत्रों को बजाने पर रोक लगा दी गई है। बिना परमीशन और नियम के बगैर यंत्रों का उपयोग करने पर कार्रवाई की जाएगी।

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Chhattisgarh Borad Exam Prohibition on playing of loudspeakers in Gorela Pendra Marwahi
गौरेला पेण्ड्रा मरवाही  की कलेक्ट्रेट प्रियंका ऋषि महोबिया। - फोटो : संवाद

विस्तार

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही  में आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ध्वनि विस्तार यंत्रों के प्रयोग पर 30 जून तक रोक लगा दी गई है। विशेष परिस्थितियों में शासकीय आदेश से ही ध्वनि विस्तार यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा।

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दरअसल जिले की कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रियंका ऋषि महोबिया ने बोर्ड एवं विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कोलाहल अधिनियम के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण जिले में ध्वनि विस्तार यंत्रों के प्रयोग पर अगामी 30 जून तक निषेध किया गया है। कलेक्टर ने आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के 10 वीं एवं 12वीं की बोर्ड तथा विश्वविद्यालयीन परीक्षाएं आगामी एक मार्च से प्रारंभ हो रही है। इसके चलते जून तक यह रोक रहेगी।
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जिले क्षेत्र में वैवाहिक कार्य, जूलूस,आमसमा रैली प्रचार माध्यमों आदि के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जाता है। क्षेत्र के सड़क, गलियों, बस्तियों, मोहल्लों, कालोनियों में बहुत ऊंची आवाज पर लाउडस्पीकर, डीजे के माध्यम से ऊंची आवाज में प्रयोग से विद्यार्थी वर्ग का अध्ययन कार्य बाधित होता है। लाउडस्पीकर पर अबाध रूप से किए जाने वाले शोर-गुल से वृद्ध, दुर्बल, बीमार व्यक्तियों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
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जिसकी वजह से जिला प्रशासन ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 की धारा-04 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले के क्षेत्र के अंतर्गत ध्वनि विस्तार-यंत्रों का प्रयोग किया जाना अथवा करवाया जाना पूर्ण रूप से निषेध किया है। आदेश में कहा गया है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग विशेष परिस्थितियों में अनुमति लेकर किया जा सकेगा, किन्तु ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होंगे एवं मध्यम आवाज में ही प्रयोग किए जाएंगे। लोक-शांति को देखते हुए लम्बे चोंगे वाले लाउडस्पीकर का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। एक से अधिक लाउडस्पीकर समूह में लगाया जाना भी प्रतिबंधित किया जाता है। 

सशर्त अनुमति के तहत लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र या अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्र का उपयोग सार्वजनिक स्थलों पर किया जा रहा हो तो उसकी सीमा उस क्षेत्र के परिवेशीय ध्वनि पैमाना से 10 डीबी (ए) से अधिक नहीं होना चाहिए। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सक्षम अधिकारी के समक्ष अनुमति प्राप्त कर सामान्यतः किया जा सकता है, परन्तु शैक्षणिक संस्थाओं, रिहायशी क्षेत्रों, चिकित्सालय, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास, नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत एवं अन्य किसी स्थानीय निकाय के कार्यालयों, बैंक, पोस्ट आफिस, दूरभाष केन्द्र आदि से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सामान्य स्थिति में भी प्रतिबंधित किया गया है। 

अतिसंवेदनशील क्षेत्रों जैसे अस्पताल, शिक्षण संस्थाएं, अदालत, धार्मिक संस्थाएं आदि के कम से कम 100 मीटर दूरी तक पटाखे नही फोड़े जाएं। इसी प्रकार इनमें 100 मीटर की दूरी तक प्रेशर हॉर्न या म्यूजिकल हॉर्न या अन्य किसी प्रकार के साउंड एम्प्लीफायर का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही  लाउडस्पीकर एवं माइक सेट का उपयोग सक्षम अधिकारी के लिखित अनुमति के बिना नही किया जाए। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के मध्य किसी को भी ध्वनि विस्तारक यंत्र ड्रम, टी ट्रॉम, टाम-टाम, ट्रमपेट पीटने या ध्वनि उत्पन्न करने वाले किसी भी यंत्र के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

किसी निजी उपयोग के स्थान की सीमा पर यदि किसी व्यक्ति द्वारा अपने निजी ध्वनि यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है तो उसकी सीमा उस क्षेत्र के लिए निर्धारित परिवेशीय वायु गुणवत्ता सीमा से 05 डीबी (ए) से अधिक नहीं होना चाहिए। आवासीय क्षेत्रों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच वाहनों के हॉर्न का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। वाहनों में बहुध्वनि हॉर्न या प्रेसर हॉर्न, साउंड बाक्स प्रतिबंधित किया गया है।साथ ही आदेश में कहा गया है कि सभी विकास एवं निर्माण संस्थाएं, स्थानीय संस्थाएं एवं अन्य संबंधित विभाग प्रगति एवं विकास हेतु की जाने वाली विभिन्न गतिविधियां के दौरान ध्वनि प्रदूषण की निर्धारित सीमाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। 


अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी जिला मुख्यालय पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी पेंड्रा रोड एवं अनुभाग मुख्यालय पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील मुख्यालयों में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी, उप-तहसील मुख्यालयों में अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा जहां उपरोक्त मुख्यालय ना हो वहां ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित थाना प्रभारी की सशर्त लिखित अनुमति प्राप्त कर धीमी गति में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा। यह प्रतिबंधित आदेश 30 जून 2023 तक सम्पूर्ण गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में प्रभावशील रहेगा।

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