{"_id":"60f1bb4cfb25532b876b71db","slug":"chhattisgarh-bhupesh-baghel-government-canceled-158-mous-no-work-done-in-nine-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: बघेल सरकार ने 158 एमओयू रद्द किए, नौ साल में नहीं हुआ कोई काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: बघेल सरकार ने 158 एमओयू रद्द किए, नौ साल में नहीं हुआ कोई काम
Fri, 16 Jul 2021 10:31 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 16 Jul 2021 10:31 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने राज्य में उद्योग लगाने के लिए हुए 158 समझौतों (एमओयू) को निरस्त करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की 15वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
CM Bhupesh Baghel
- फोटो : CM Bhupesh Baghel
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने राज्य में उद्योग लगाने के लिए हुए 158 समझौतों (एमओयू) को निरस्त करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की 15वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया।
विज्ञापन
इसमें सर्वाधिक 103 एमओयू पूर्ववर्ती रमन सरकार के कार्यकाल में 2012 में हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट के दौरान हुए थे। एमओयू करने के करीब 9 वर्ष बाद भी इनमें से किसी भी उद्योगपति ने उद्योग स्थापना की पहल नहीं की है। इसी वजह से इनको रद्द करने का फैसला किया गया है।
विज्ञापन
राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की 15वीं बैठक में 2001 से 2018 तक के 55 एमओयू तथा 2012 में ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट (वैश्विक निवेशक सम्मेलन) के दौरान किए गए 103 एमओयू में निष्क्रियता के चलते किसी भी प्रकार की कार्यवाही शुरू ना होने के कारण इन दोनों को मिलाकर कुल 158 एमओयू निरस्त करने का फैसला किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बैठक में जानकारी दी गई कि 2001 से 2018 के बीच 3,03,115 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश के 211 एमओयू किए गए थे। इनमें वास्तविक पूंजी निवेश 78776.36 करोड़ रुपये का हुआ है। 67 एमओयू के साथ उत्पादन शुरू हो चुका है। 61 एमओयू में क्रियान्वयन शुरू हो गया है। जबकि 55 एमओयू में कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, जिन्हें निरस्त करने का फैसला लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इसी प्रकार वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 93,830 करोड़ 69 लाख रुपये पूंजी निवेश के 275 एमओयू किए गए थे। इनमें से वास्तविक पूंजी निवेश 2003.59 करोड़ रुपये का हुआ है। छह परियोजनाओं में उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। 25 परियोजनाओं में जगह का चयन करने के बाद क्रियान्वयन शुरू हो गया है। शेष 103 एमओयू में कोई काम शुरू नहीं हुआ है, जिन्हें निरस्त करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक 115 एमओयू प्रभावशील हैं। इनमें प्रस्तावित पूंजी निवेश 46 हजार 937 करोड़ रुपये हैं। 92 परियोजनाओं में क्रियान्वयन प्रारंभ हो चुका है और एक में उत्पादन भी शुरू हो गया है। 23 नए एमओयू में कार्य शुरू होना है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उद्योगों की समस्याओं को दूर करने के लिए दो समितियों का गठन किया जाए। नीतिगत मामलों के संबंध में उद्योग मंत्री की अध्यक्षता तथा क्रियान्वयन संबंधी मामलों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से कृषि आधारित उद्योगों तथा बस्तर अंचल में लौह खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना के कार्य में भी तेजी लाने के प्रयास किए जाएं।