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छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना समारोह: बेमेतरा ने रचा इतिहास, 140 फीट का देश का सबसे ऊंचा बैम्बू टावर

Sat, 15 Nov 2025 05:08 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 15 Nov 2025 05:08 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में गुरुवार को एक ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिला, जहां ‘छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना समारोह’ के तहत देश का सबसे ऊंचा 140 फीट का बैम्बू टावर समर्पित किया गया।

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Chhattisgarh Bamboo Shrine Conception Ceremony: Bemetara country's tallest bamboo tower at 140 feet
140 फीट का देश का सबसे ऊंचा बैम्बू टावर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में गुरुवार को एक ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिला, जहां ‘छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना समारोह’ के तहत देश का सबसे ऊंचा 140 फीट का बैम्बू टावर समर्पित किया गया। कार्यक्रम ने न सिर्फ बेमेतरा को बल्कि पूरे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी। मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराया और इसे राज्य की परंपरा, कौशल, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक बताया। उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और बाँस आधारित कृषि को बढ़ावा देने की अपील की। टावर परिसर में स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों और प्रोसेसिंग केंद्रों का भी निरीक्षण किया और कारीगरों एवं ग्रामीणों से उनकी आजीविका को लेकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास और नवाचार के नए आयाम रच रहा है। विश्व के सबसे ऊंचे बैम्बू टावर ने राज्य की पहचान को और मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि बाँस आधारित उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और निर्माण तकनीक में बड़े अवसर पैदा कर रहे हैं, जिसके लिए सरकार रोजगार विस्तार की योजनाओं पर काम कर रही है।

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उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किसानों से कहा कि जलवायु परिवर्तन और जलसंकट के दौर में बाँस की खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। कम पानी में तेजी से बढ़ने वाला बाँस मिट्टी कटाव रोकने और हरियाली बढ़ाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे क्षेत्रों में, जहां पानी की समस्या गंभीर रही है, बाँस किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक साबित हो सकता है। कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल ने भी बाँस को धान के विकल्प के रूप में किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि यह फसल जल संरक्षण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम है।

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कार्यक्रम में विधायक दीपेश साहू, कलेक्टर रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

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