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Weather Update: मानसून की राह देख रहा छत्तीसगढ़, अगले 48 घंटे में दस्तक के संकेत; बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
Sun, 14 Jun 2026 10:41 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:41 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य की सीमा के करीब पहुंच चुका है और अनुकूल परिस्थितियों के चलते अगले एक-दो दिनों में बस्तर क्षेत्र से इसकी एंट्री होने की संभावना है।
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Chhattisgarh Weather
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य की सीमा के करीब पहुंच चुका है और अनुकूल परिस्थितियों के चलते अगले एक-दो दिनों में बस्तर क्षेत्र से इसकी एंट्री होने की संभावना है। हालांकि पिछले तीन दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ी हुई है, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर फिर बढ़ने लगा है। प्री-मानसून गतिविधियों में कमी आने के कारण बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रहीं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक सक्रिय द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक फैली हुई है। इसी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम लगातार बदलाव दिखा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक भी इसी तरह का मौसम बने रहने के संकेत हैं।
राजधानी रायपुर में रविवार को बादलों की आवाजाही बनी रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
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बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुसमी में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा ओरछा में 4 सेंटीमीटर, पिपरिया में 3 सेंटीमीटर तथा बड़े बचेली और थानखमरिया में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई। भैरमगढ़, माकड़ी, ओडगी, पंधरिया और बोड़ला में भी हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के प्रदेश में प्रवेश करते ही बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी और तापमान में गिरावट दर्ज होगी। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों को भी खरीफ सीजन की तैयारियों में मदद मिलेगी।
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक सक्रिय द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक फैली हुई है। इसी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम लगातार बदलाव दिखा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक भी इसी तरह का मौसम बने रहने के संकेत हैं।
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राजधानी रायपुर में रविवार को बादलों की आवाजाही बनी रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
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बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुसमी में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा ओरछा में 4 सेंटीमीटर, पिपरिया में 3 सेंटीमीटर तथा बड़े बचेली और थानखमरिया में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई। भैरमगढ़, माकड़ी, ओडगी, पंधरिया और बोड़ला में भी हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के प्रदेश में प्रवेश करते ही बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी और तापमान में गिरावट दर्ज होगी। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों को भी खरीफ सीजन की तैयारियों में मदद मिलेगी।