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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018: चुनाव से पहले नक्सली हमले के बीच शांतिपूर्ण मतदान बड़ी चुनौती

Sun, 11 Nov 2018 01:22 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Updated Sun, 11 Nov 2018 01:22 PM IST
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Chhattisgarh assembly election 2018: peaceful polling big challenge before Naxal attack
राजनांदगांव में चुनाव की तैयारियों में जुटे चुनावकर्मी - फोटो : ANI
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव  2018 के लिए 12 नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा। मतदान शुरू होने से महज कुछ घंटों पहले नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के कोयली बेडा में एक के बाद एक छह आईईडी धमाके हुए। जिसमें भारतीय सुरक्षाबल (बीएसएफ) का एक जवान शहीद हो गया है। चुनाव आयोग के लिए सोमवार को होने वाला पहले चरण का मतदान इसलिए भी चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि यह नक्सल प्रभावित इलाकों में होंगे। जानकारी के अनुसार कोयली बेडा में नक्सलियों ने 6 आईईडी की सीरिज को प्लांट किया था। यह आईईडी गोम गांव से गट्टाकल के बीच लगाए गए थे। 
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छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए मतदान दलों को सुरक्षित पहुंचाना और शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराना सुरक्षा बल के लिए बड़ी चुनौती है। राज्य में चुनाव के लिए सुरक्षा बल के लगभग एक लाख जवानों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र राजनांदगांव में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां भी सोमवार को मतदान होंगे। 
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छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में पहले चरण के लिए सोमवार 12 तारीख को मतदान होगा। राज्य में माओवादियों ने चुनाव का विरोध किया है और पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर उन्होंने बताने की कोशिश की है कि क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराना मुश्किल है। ऐसे में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मानते हैं कि मतदान दलों को सुरक्षित मतदान केंद्रों तक पहुंचाना, शांतिपूर्वक मतदान कराना और दलों को ईवीएम के साथ सुरक्षित वापस लाना चुनौती भरा काम है। 

राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के विशेष पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए सुरक्षा बलों के लगभग एक लाख जवानों को तैनात किया गया है। 

अवस्थी ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान के लिए मतदान दलों को रवाना किया जा रहा है। राज्य के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्रों के लिए 650 मतदान दलों को हेलीकॉप्टर से भेजा गया है। इन क्षेत्रों में मतदान दलों को सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। इस कार्य के लिए भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल और निजी हेलीकाप्टरों की सेवाएं ली गई है। 

जहां मतदान दल सड़क मार्ग से जा सकता है वहां के लिए दल को सुरक्षा के साथ आगे रवाना किया जा रहा है। 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा बलों की 650 कंपनियां आई है। यहां पहले से बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं। सभी को चुनाव कार्य में लगा दिया गया है। 

सुरक्षा बल को आईइडी से बचने के उपाय बताए गए

Chhattisgarh assembly election 2018: peaceful polling big challenge before Naxal attack
अवस्थी ने बताया कि सुरक्षा बल के जवानों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बतरने को कहा गया है। उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया है। सुरक्षा बल से कहा गया है कि वह किसी भी प्रकार के सामान को लाने या अन्य कार्यों के लिए सड़क का उपयोग तब तक नहीं करें जब तक क्षेत्र में रोड ओपनिंग पार्टी न लगी हो या क्षेत्र को बारूदी सुरंगों से रहित न किया गया हो। 

उन्होंने बताया के क्षेत्र में बारूदी सुरंग लगे होने की खबरें लगातार आ रही है। माओवादी चुनाव में बारूदी सुरंग लगाकर ही गड़बड़ी फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। आज भी नक्सलियों ने कांकेर जिले में बारूदी सुरंग में विस्फोट कर सुरक्षा बल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। इस घटना में बीएसएफ का एक उपनिरीक्षक घायल हुआ है। सुरक्षा बल को आईइडी से बचने के उपाय बताए गए हैं। 

अवस्थी ने बताया कि जहां पर मतदान केंद्र हैं और मतदान दल साथ जा रहा है वहां अतिरिक्त सुरक्षा और सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। जैसे कि आसपास के क्षेत्र को डीमाईन करें, खुद की सुरक्षा का ध्यान रखें और ध्यान से चलें। नक्सली इन क्षेत्रों में स्पाईक और बारूदी सुरंग लगाते हैं। यदि पैदल जंगल की ओर चलें तब स्पाईक :लोहे का नुकीला तार: लगाते हैं और सड़क की ओर चलें तब आईइडी का शिकार होने का खतरा रहता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 10 दिनों में तीन सौ से ज्यादा बारूदी सुरंगों को निकाला और नष्ट किया गया है। 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हैं कि आज मतदान वाले जिलों में बड़ा मूवमेंट हो रहा है। इस दौरान सबसे बड़ा खतरा बारूदी सुरंगों से है और नक्सलियों को इस बात की जानकारी है कि यहां मतदान केंद्र है और यहां से मतदान दल और सुरक्षा बल का दल निकलेगा। इन क्षेत्रों में मतदान दल को सुरक्षित पहुंचाना, मतदान कराना और वापस लाना चुनौती भरा काम है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की सुरक्षित रैली कराना भी चुनौती पूर्ण काम था जो शनिवार को संपन्न हो गया। 

नक्सलियों ने पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया

Chhattisgarh assembly election 2018: peaceful polling big challenge before Naxal attack
नक्सली - फोटो : PTI
छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले के 18 विधानसभा सीटों के लिए सोमवार 12 तारीख को मतदान होगा। सोमवार को राजनांदगांव जिले के मोहला-मानपुर, कांकेर जिले के अंतागढ़, भानुप्रतापपुर और कांकेर, कोंडागांव जिले के केशकाल और कोंडागांव, नारायणपुर जिले के नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा, बीजापुर जिले के बीजापुर तथा सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक वोट डाले जाएंगे।

वहीं जिन आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का समय सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है, उनमें राजनांदगांव जिले के पांच विधानसभा क्षेत्र खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव और खुज्जी तथा बस्तर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र बस्तर, जगदलपुर एवं चित्रकोट शामिल हैं।

राज्य में नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है और पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। 

इस महीने की आठ तारीख को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एक यात्री बस को उड़ा दिया था। इस घटना में चार नागरिकों और केंदीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान की मृत्यु हो गई थी। 

इससे पहले नक्सलियों ने 30 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर में पुलिस दल पर हमला कर दिया था। इस घटना में दूरदर्शन के एक कैमरामैन और तीन पुलिस जवानों की मृत्यु हो गई थी। 

वहीं 27 अक्टूबर को नक्सलियों ने बीजापुर जिले के आवापल्ली थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ के बुलेट प्रूफ बंकर वाहन को उड़ा दिया था। इस घटना में सीआरपीएफ के चार जवानों की मृत्यु हो गई थी। (इनपुट:भाषा) 
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