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छत्तीसगढ़: 2013 के झीरम घाटी हमले में लूटा गया एके-47 राइफल पुलिस ने किया बरामद

Fri, 29 May 2020 03:40 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, रायपुर
पीटीआई, रायपुर Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 29 May 2020 03:40 PM IST
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Chhattisgarh: AK-47 looted during 2013 Jhiram Valley Naxal attack recovered
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी नक्सल हमले के सात साल बाद राजनांदगांव पुलिस ने शुक्रवार को एक एके-47 राइफल बरामद की है। इस राइफल को नक्सलियों ने कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा पर घात लगाकर किए गए हमले के बाद, उनके सुरक्षा बलों से लूटा था। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। 

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उन्होंने कहा कि पुलिस को एक एसएलआर राइफल भी मिली है, जिसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों से नक्सलियों ने चुरा लिया था। सीआईएसएफ पर साल 2006 में दंतेवाड़ा जिले में एनएमडीसी खनन क्षेत्र में हमला किया गया था।
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राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि ये दोनों राइफल बरामद किए गए उन चार हथियारों से थे, जिन्हें आठ मई को मानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत परधोनी गांव के बाहरी इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि इस मुठभेड़ में चार नक्सली ढेर किए गए, जबकि एक उप-निरीक्षक शहीद हो गए।
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वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, एक एसएलआर राइफल और दो 315 बोर की बंदूक बरामद की गई। उन्होंने कहा कि बरामद हथियारों के स्रोत को सत्यापित करने के लिए हमने उनके बट्स और बॉडी नंबर को पुलिस मुख्यालय (नक्सल-विरोधी ऑपरेशन) रायपुर भेजा। साथ ही बालाघाट (मध्यप्रदेश) और गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) में पुलिस को भी भेजा गया।

उन्होंने कहा कि रायपुर से सामने आए नतीजों से हमें पता चला कि एके-47 राइफल के सीरियल नंबर का उस हथियार से मिलान हुआ जिसे 2013 में बस्तर जिले के झीरम घाटी हमले के दौरान नक्सलियों ने लूटा था। इसे छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे घातक हमला माना जाता है।  


बता दें कि, 25 मई 2013 को नक्सलियों ने झीरम घाटी में कांग्रेस पार्टी की 'परिवर्तन रैली' के दौरान नेताओं के एक काफिले पर हमला किया था, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में तत्कालीन कांग्रेस पार्टी प्रदेश प्रमुख नंद कुमार पटेल, पूर्व विपक्ष के नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला शामिल थे।  

पुलिस अधीक्षक शुक्ला ने बताया कि एके-47 राइफल असिस्टेंट प्लाटून कमांडर सियाराम सिंह का सर्विस हथियार था, जो कर्मा के निजी सुरक्षा अधिकारी थे।

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