मधुमक्खियों के काटने से दो सगे भाइयों की मौत
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छत्तीसगढ़ के कोरिया में एक दर्दनाक वाक्ये में मधुमक्खियों के काटने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा तो दूसरे की मौत उपचार के दौरान हुई।
हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मासूम बच्चों की अनायास मौत से हर कोई सदमे मे है। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा उनके आसपास खेलने वाले मासूमों को मौत इस तरह भी अपने शिंकजे में ले सकती है।
जानकारी के अनुसार कोरिया के वार्ड 16 के निवासी डा. शैलेन्द्र सैमुअल के दो बेटे जोएल (11) और यूएल (9) सोमवार शाम अपने घर की छत पर खेल रहे थे। इसी दौरान मधुमक्खियों ने उन पर हमला कर दिया।
बड़े ने अस्पताल ले जाते तो छोटे ने उपचार के दौरान दम तोड़ा
मधुमक्खियों के डंक से दोनों बच्चे बुरी तरह घायल हो गए। उनका शोर सुनकर पहुंचे परिजन तुरंत उन्हें लेकर अस्पताल के लिए चल दिए। जहां बड़े बेटे जोएल सैमुअल ने अंबिकापुर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
जबकि छोटे बेटे यूएल की मौत केन्द्रीय अस्पताल में उपचार के दौरान हुई। बच्चों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बच्चों की मौत से पूरी कालोनी सदमे मे है।
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में मधुमक्खियों के हमले से हुई यह पहली घटना नहीं है। पूर्व में कई लोग इसके चलते अपनी जान गंवा चुके हैं।
दो साल पहले रायगढ़ राजपरिवार के सदस्य की भी हुई थी मौत
दो साल पहले रायगढ़ के राजपरिवार के एक सदस्य की सिंहनपुर की पहाड़ियों में शिकार करने के दौरान मधुमक्खियों के हमले में मौत हो गई थी।
इस घटना में तीन अन्य लोग घायल भी हो गए थे। इसके अलावा पिछले साल लोकसभा चुनावों के दौरान जशपुर और सरगुजा के चार मतदान केन्द्रों पर कई घंटों तक मतदान इसलिए रोकना पड़ा था क्योंकि वहां मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था।
छत्तीसगढ़ में मधुमक्खियों का प्रकोप का असर ऐसा है कि सरकार ने इनके द्वारा हुई घटना को प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में रखा है। जहां गंभीर घटना पर चार लाख तक की सरकारी मदद मिलती है।