गांव वालों से बदसलूकी पर एसटीएफ जवानों को कड़ी सजा
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अपनी तरह की अनोखी अनुशासनात्मक कार्रवाई में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपने 7 एसटीएफ जवानों को गांव वालों से बहस करने और उनसे बदसलूकी करने के आरोप में निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई इस लिए भी खास मानी जा रही है कि आमतौर पर इस तरह की घटनाओं को हल्के में लेकर भुला दिया जाता है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार सात आरोपियों में से हैड कांस्टेबिल अशोक साहू, कांस्टेबिल भूपेन्द्र निशाद, नारद सिंह कंवर, गजेन्द्र ठाकुर, कृष्णानंद कुशवाहा, नागेश्वर निरमलकर और जितेन्द्र सिंह शामिल हैं।
एसटीएफ एसपी जीएस डारो द्वारा 14 सितबंर को जारी किए गए आदेशों के अनुसार 'इन जवानों द्वारा ग्रामीणों के साथ वाद विवाद और धक्का मुक्की करने के कारण एसटीएफ की छवि को नुकसान पहुंचा है। इसलिए इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है'।
दुकानदारों से की थी अभद्रता
दंतेवाड़ा पुलिस के अधिकारियों के अनुसार आरोपी पुलिसकर्मी शनिवार को छुट्टी पर थे। जिस दौरान वे पलनर बाजार गए थे। वहां उन्होंने एक दुकानदार से अभद्रता की, इस पर स्थानीय ग्रामीणों ने बीच बचाव कराना चाहा तो आरोपियों पुलिसकर्मियों ने उनसे भी धक्का मुक्की। इसी आरोप में उन पर कार्रवाई की गई।
बता दें कि एसटीएफ को आमतौर पर नक्सल और आतंक विरोधी कार्रवाईयों में ही इस्तेमाल किया जाता है। इसे पुलिस पुलिस का सबसे खास दस्ता माना जाता है।