छत्तीसगढ़ः सड़क पर लावारिश मिले जवानों के शव
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले में संदिग्ध माओवादियों द्वारा अगवा किए गए पुलिस के चार सहायक आरक्षकों के शव पुलिस ने बरामद करने का दावा किया है।
जिले के आरक्षी अधीक्षक केएल ध्रुव ने बीबीसी को बताया, "हमें बुधवार सुबह ही कुटरु मुख्य मार्ग पर अपने चारों सहायक आरक्षकों के शव मिले हैं, जिनका माओवादियों ने अपहरण किया था। शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।"
सोमवार को यहाँ के बेदरे थाने में तैनात पुलिस के चार जवान कुटरु से बेदरे के लिए रवाना हुए थे, दो जवान एक यात्री बस में सवार थे, जबकि दो अपनी मोटरसाइकिल से रवाना हुए थे।
बीच जंगल में माओवादियों ने बस को रोका और दोनों जवानों को अपने साथ ले गए। इसके बाद मोटरसाइकिल से आ रहे पुलिस जवानों का भी हथियारबंद माओवादियों ने अपहरण कर लिया।
चल रहा था रिहाई का प्रयास
मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री रमनसिंह ने कहा था कि मध्यस्थों की मदद से अगवा किए गए जवानों की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास चल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आरोप लगाया था कि सरकार जवानों की रिहाई को लेकर गंभीर नहीं है।
इससे पहले शुक्रवार को माओवादियों ने दोरनापाल और पोलमपल्ली के बीच वंजीपास से पुलिस के एक सहायक आरक्षक माड़वी सोमा और एक ग्रामीण का अपहरण किया था। रविवार को ग्रामीण को तो माओवादियों ने रिहा कर दिया लेकिन माड़वी सोमा का अभी तक पता नहीं चला है।
अपह्रत जवान माड़वी सोमा की रिहाई के लिए उनके परिजनों समेत दो दर्जन से अधिक ग्रामीण शनिवार को ही जंगल के अंदर गए हैं लेकिन उनकी रिहाई अभी तक नहीं हो पाई है।