विज्ञापनों के बंदरबांट पर छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस
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छत्तीसगढ़ में विज्ञापनों की बंदरबांट को लेकर रायपुर के एम एच जकारिया ने एक जनहित याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
इस नोटिस के तहत राज्य सरकार को चार सप्ताह का समय दिया गया है। जकारिया की इस याचिका में जनसंपर्क विभाग द्वारा पिछले 10 सालों में मीडिया समूहों को कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपए बांटने का आरोप लगा है।
इतना ही नहीं, इस याचिका में राज्य सरकार पर यह भी आरोप है कि उसने आज तक-इंडिया टुडे कंक्लेव की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए करीब 45 लाख रुपए का भुगतान किया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह और मंत्री अजय चंद्राकर की कथित नजदीकी लोगों की कंपनी कंसोल इंडिया और क्यूब मीडिया को भी गलत तरीके से करोड़ों रुपयों का फायदा पहुंचाया गया है।
(साभार- सीजीखबर)
कैग की आपत्ति को बनाया आधार
इस याचिका में कैग की उस आपत्ति को भी आधार बनाया गया है, जिसके जिसमें कैग ने जनसंपर्क विभाग की तरफ से गलत तरीके से विज्ञापन बांटने की बात कही थी।
2013-14 खर्च के ऑडिट में कैग ने पाया था कि विकास यात्रा के समय रायपुर की विज्ञापन एजेंसी कंसोल इंडिया को बिना किसी टेंडर के ही 40.53 लाख रुपए का काम दे दिया गया था।
इस विज्ञापन एजेंसी ने लोगों को एसएमएस भेजकर विज्ञापन किया था। ऐसे में कैग ने सवाल उठाया था कि आखिर इसकी जांच कैसे की जाए कि कंपनी ने बल्क एसएमएस भेजे भी थे या नहीं।