छत्तीसगढ़ की जनता ने 'कलेक्टर' और 'डॉक्टर' के शासनकाल को देखा है: राज बब्बर
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और राज्य की लाखों जनता इलाज के नाम पर दर-दर की ठोकरें खा रही है। बब्बर ने रायपुर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। यहां के डॉक्टर मुख्यमंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को आईसीयू में ला दिया है। इसके साथ ही उन्होंने नक्सलियों के मुद्दे पर कहा कि इस समस्या का हल बंदूक से नहीं बातचीत से होगा।
बब्बर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि नक्सल मुद्दे को बंदूक के माध्यम से नहीं, बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस पर आरोप लगाती है कि वह नक्सलियों का समर्थन करती है। तब यह उनकी मानसिक बीमारी है। कांग्रेस पार्टी ने नक्सली हमले में अपने वरिष्ठ नेतृत्व को खोया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लाखों जनता इलाज के नाम पर दर-दर की ठोकरें खा रही है या निजी अस्पतालों के चंगुल में फंसकर लुट रही है। आज स्वास्थ्य के मामले में देश के 21 राज्यों में से छत्तीसगढ़ का स्थान 20 वां है। यह विकास का कौन सा मॉडल रमन सिंह जी ने खड़ा किया है, यह समझ से परे है। कांगेस नेता ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह डॉक्टर हैं और एक डॉक्टर ने यहां की स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर स्थिति में धकेल दिया है। बब्बर ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का नाम लिए बगैर कहा कि राज्य ने कलेक्टर और डॉक्टर के शासनकाल को देखा है। राज्य में चुनाव के लिए डॉक्टर ने कलेक्टर के साथ टेबल के नीचे हाथ मिला लिया है।#WATCH Goliyon se faisle hal nahi hote.Unke sawaal ko address karna padega, aur unko darra kar, ya lalach dekar kranti ke jo log nikle huye hain unhe rok nahi sakte hain. Na idhar ki bandook se hal niklega na udhar ki, baatcheet se hal niklega:Raj Babbar in Raipur (3.11) pic.twitter.com/7A2VeA3hzk
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 4, 2018
गौरतलब है कि जोगी राजनीति में आने से पहले आईएएस अधिकारी थे। 2000 से 2003 तक उन्होंने राज्य में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि नसबंदी करवाने गईं माताएं अपनी जान गंवाती हैं तो आंखों का इलाज करवाने गए बुजुर्ग अपनी आंखों की रोशनी गंवा देते हैं। वहीं, सुपेबेड़ा गांव में 170 से ज़्यादा लोग किडनी फेल होने की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। वजह यह है कि उन्हें पीने का साफ़ पानी नहीं मिल रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री वक्तव्य देते हैं कि किडनी फेल होने से लोग नहीं मर रहे हैं बल्कि खून में यूरिया और क्रिएटेनीन बढ़ने से मर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री अपने डॉक्टर मुख्यमंत्री से ही पूछ लेते कि ये दोनों तत्व खून में क्यों बढ़ते हैं।