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CG: स्व-सहायता समूह की महिलाएं बना रहीं रागी, सत्तू, ज्वार और बाजरे के लड्डू, आंगनबाड़ियों में करती हैं सप्लाई

Sat, 08 Mar 2025 08:00 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 08 Mar 2025 08:00 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के ग्राम आनि में संचालित ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं जिले की आंगनबाड़ियों में रागी, सत्तू, ज्वार और बाजरे से बने लड्डू सप्लाई करती हैं।

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CG: Women of self-help groups are making ragi, sattu, jowar and millet laddus and supplying them to Anganwadis
स्व-सहायता समूह की महिलाएं बना रहीं रागी, सत्तू, ज्वार और बाजरे के लड्डू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के ग्राम आनि में संचालित ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं जिले की आंगनबाड़ियों में रागी, सत्तू, ज्वार और बाजरे से बने लड्डू सप्लाई करती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की महिला सशक्तिकरण की नीतियों से प्रभावित समूह की महिलाएं अपने हाथों से सेहत का लड्डू तैयार करती हैं। जिले की आंगनबाड़ियों में इन लड्डुओं को गर्भवती, शिशुवती माताओं एवं सुपोषण के लिए नवजात शिशुओं की माताओं को खिलाया जाता है।
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समूह की अध्यक्ष सविता सिंह हैं। समूह की सदस्य गुलनाज़ बेगम बताती हैं कि पहले उनका समूह छोटे-मोटे उत्पाद के जरिए अपनी आजीविका चलाता है। फिर समूह ने जिले में सुपोषण की मांग के अनुरूप रागी, सत्तू, ज्वार और बाजरे के लड्डू बनाना शुरू किया। इसके लिए उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की पहल और प्रोत्साहन से एक लाख 50 हजार रुपए का लोन मिला। 
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समूह की अन्य सदस्य राशिदा ने बताया कि हम समूह में स्वच्छता का ध्यान रखते हुए काम करते हैं। लड्डू निर्माण की पूरी प्रकिया में हाइजीन का विशेष ध्यान दिया जाता है। राशिदा ने बताया कि समूह में 20 महिलाएं हैं। सभी गृहणियां हैं। हमें स्थानीय प्रशासन की ओर से 60 हजार रुपए का भी ऋण प्रदान किया गया है। हमारा समूह जिले के लगभग 500 आंगनबाड़ियों को लड्डू सप्लाई करता है। राशिदा ने बताया महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने की वजह से समूह की महिलाओं के सामने घरेलू खर्च की चिंता कम हुई है, इस वजह से समूह की महिलाएं ध्यान लगाकर समूह के में उत्पादन बढ़ाने में ध्यान दे रही हैं।
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