फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   CG-RERA's big decision: Promoter directed to pay interest of Rs 6.87 lakh to the allottee

सीजी-रेरा का बड़ा फैसला: प्रमोटर को आबंटी को 6.87 लाख रुपये ब्याज देने के निर्देश

Tue, 27 Oct 2026 08:05 PM IST
अमन कोशले न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 27 Oct 2026 08:05 PM IST
सार

रेरा ने 'वात्सल्य गौरव-1, फेज-1' परियोजना के प्रमोटर को बड़ा झटका दिया है। स्वीकृत ले-आउट के अनुसार विकास कार्य पूरे नहीं होने और पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर प्राधिकरण ने आबंटी को 6,87,496 रुपये ब्याज देने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
CG-RERA's big decision: Promoter directed to pay interest of Rs 6.87 lakh to the allottee
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी-रेरा) ने रायपुर के सेजबहार स्थित 'वात्सल्य गौरव-1, फेज-1' परियोजना के प्रमोटर पर बड़ा फैसला सुनाया है। स्वीकृत ले-आउट के अनुसार विकास कार्य पूरे न करने और पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त न करने के कारण प्राधिकरण ने प्रमोटर को आबंटी को 6,87,496 रुपये ब्याज देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने तक 1 नवंबर 2026 से प्रति माह 7,314 रुपये का भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्राधिकरण के इस कदम से स्पष्ट होता है कि केवल भूखंडों की बिक्री कर देने मात्र से प्रमोटर का दायित्व समाप्त नहीं होता।
विज्ञापन


स्वीकृत ले-आउट के अनुसार अधूरे कार्य
मामले की सुनवाई के दौरान सीजी-रेरा ने पाया कि सेजबहार स्थित इस आवासीय परियोजना में स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विकास नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त सक्षम प्राधिकारी से परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र भी हासिल नहीं किया गया था। इन सभी परिस्थितियों का संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण ने परियोजना को अधूरा माना और रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 18 के अंतर्गत आबंटी के पक्ष में ब्याज भुगतान का फैसला सुनाया।
विज्ञापन


जमा राशि पर ब्याज भुगतान का गणित
आदेश के अनुसार, आबंटी ने भूखंड के लिए कुल 8,12,643 रुपये की राशि जमा की थी। इस जमा राशि पर वर्ष 2019 से अक्तूबर 2026 तक 10.80 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज की गणना की गई है। इस हिसाब से प्रमोटर को कुल 6,87,496 रुपये की राशि ब्याज के रूप में देनी होगी। इसके बाद 1 नवंबर से जब तक परियोजना को पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक प्रमोटर पर हर महीने 7,314 रुपये का भुगतान करने की जिम्मेदारी बनी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना रेरा पंजीयन पर अलग मामला
प्राधिकरण ने परियोजना का रेरा में पंजीयन कराए बिना काम करने के विषय को अत्यंत गंभीरता से लिया है। रेरा कानून के नियमों के अनुसार धारा 3 की श्रेणी में आने वाली सभी आवासीय परियोजनाओं का पंजीयन कराना अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन करने के कारण प्रमोटर के विरुद्ध रेरा अधिनियम की धारा 59 के तहत अलग से प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed