'मोगैंबो खुश हुआ की तर्ज पर काम कर रहे भाजपाई': भूपेश बघेल बोले- बीजेपी को मैं खटक रहा इसलिये बदले की कार्रवाई
CG Politics; Bhupesh baghel: सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किये जाने के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सवाल खड़ा करते हुए केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है।
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CG Politics; Bhupesh baghel: सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज किये जाने के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सवाल खड़ा करते हुए केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब-जब मोदी और शाह का छत्तीसगढ़ दौरा हुआ, उसके पहले सीबीआई और ईडी का दौरा हो जाता है। अभी प्रधानमंत्री आए, उसके पहले सीबीआई की रेड पड़ी। 40-50 जगह पर सीबीआई की रेड पड़ी। अब अमित शाह आ रहे हैं। 18 दिसंबर साल 2024 की एफआईआर को पब्लिक डोमेन में कल भेजा गया। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मोगैंबो खुश हुआ की तर्ज पर काम किया जा रहा है। कुल मिलाकर मोगैंबो को खुश करना है।
पूर्व सीएम बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सात साल पुराने केस में मैंने गिरफ्तारी दी थी जब उस केस में कोर्ट ने मुझे सीबीआई के आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया तो अब नया खेल शुरू हुआ है। पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनना और पंजाब का प्रभारी बनना बीजेपी खटक रहा है इसलिए बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। हम डरने और झुकने वालों में से नहीं हैं। महादेव सट्टा एप के मामले में ईडी ने केस ईओडब्ल्यू को सौंपा, ईओडब्ल्यू ने सीबीआई को सौंपा। 18 दिसंबर 2024 की एफआईआर को हुई थी, अब पब्लिक में लाया गया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास इसके खिलाफ कोई कानून नहीं है। 1867 गेमिंग एक्ट अंग्रेजों के समय का है। हमारी सरकार ने इस मामले में कानून बनाया, हमारे खिलाफ ही बदले की भावना से कार्यवाही कर दिया।
'सीबीआई की एफआईआर में मेरा नाम छठवें नंबर पर'
उन्होंने पूछा कि क्या ऑनलाइन गेमिंग को सरकार लीगल मानती है या इन लीगल? लीगल है तो प्रोडक्शन मनी का कोई सवाल नहीं और इन लीगल है तो अभी तक कैसे चल रहा है? ठीक चुनाव के पहले नवंबर में शुभम सोनी का वीडियो भाजपा कार्यालय से जारी किया जाता है। उन्होंने पूछा कि अगर शुभम सोनी की ओर से यह वीडियो बनाया गया है तो भाजपा ने इसे सार्वजनिक कैसे किया? सोनी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि हमने कानून बनाया, हमने एफआईआर की तो फिर प्रोडक्शन मनी की बात क्यों? सीबीआई की एफआईआर में मेरा नाम छठवें नंबर पर है। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का नाम मेरे बाद है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई ने अपने एफआईआर में जिन 21 बेटिंग एप का उल्लेख किया है। उनके मालिक और पार्टनर का नाम बताया है उनमें से किसी में भी शुभम सोनी को मालिक या पार्टनर नहीं बताया है। उसी शुभम सोनी के कथित बयान के आधार पर मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। यह भाजपा और केंद्र सरकार के द्वारा सुनियोजित षड़यंत्र के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है।
...तो क्या सीबीआई चांज करेगी
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दे रहे हैं। इनकी मंशा है कि इस मामले में मुझे गिरफ्तार किया जाए। मुझे इसका कोई डर नहीं है। दिल्ली जा रहा हूं अपने नेताओं को इससे अवगत कराऊंगा, वकीलों से बात करूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर सीबीआई से किया सवाल कि यदि महादेव सट्टा ऐप के मामले में आरोपी शुभम सोनी के आरोप मुझ पर एफआईआर हो सकती है तो मैं भी आरोप लगा रहा हूं कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के संरक्षण में महादेव ऐप चल रहा है क्या सीबीआई इस पर जांच और कार्यवाही करेगी?
'74 एफआईआर, 200 गिरफ्तारी, 2000 से ज्यादा बैंक खाता सीज किये'
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ लगातार उनकी सरकार ने कार्रवाई की। महादेव सट्टा के मामले में लगभग 74 से अधिक एफआईआर, 200 से अधिक गिरफ्तारी और 60 से अधिक गैजेट्स मोबाइल, लैपटॉप और 2000 से अधिक बैंक खाता सीज किए गए। इस मामले में ईडी ने अपना काम किया। उसके बाद सरकार बदली तो मामले को एसीबी को सौंप दिया गया। इसके बाद एसीबी ने सीबीआई को यह मामला सौंप दिया, लेकिन इस मामले में जांच किसी ने नहीं की।