CG: थम गई हिंदी के फेमस साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल की कलम; राजकीय सम्मान के साथ कल होगा अंतिम संस्कार
Famous Hindi writer Vinod Kumar Shukla last funeral: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का आज मंगलवार को रायपुर एम्स में निधन हो गया।
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छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय उनके निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए और शोक जताते हुए कहा कि विनोद कुमार शुक्लजी के निधन से प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ का गौरव देश-दुनिया में बढ़ाया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके अतुलनीय योगदान को समादर देते हुए उन्हें सम्पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने का निर्णय लिया है।
साहित्य जगत के सर्वोच्च पुरस्कार ज्ञानपीठ से सम्मानित, छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल जी के निधन से हिंदी साहित्य को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनकी संवेदनशील लेखनी और मानवीय दृष्टि सदैव साहित्य-प्रेमियों को प्रेरित करती रहेगी।
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बिलासपुर में उनके… pic.twitter.com/8r0TMfnUyi — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 23, 2025
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिंदी साहित्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकर की कमीज और दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से विनोद कुमार शुक्ल ने साधारण जीवन को असाधारण गरिमा प्रदान की। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदना, सादगी और जीवन की सूक्ष्म अनुभूतियाँ अत्यंत सहजता से अभिव्यक्त होती थीं, जिसने पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया।
विनोद कुमार शुक्लजी के निधन से प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ का गौरव देश-दुनिया में बढ़ाया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके अतुलनीय योगदान को समादर देते हुए उन्हें सम्पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने का निर्णय लिया है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 23, 2025
विनम्र श्रद्धांजलि। pic.twitter.com/qRMnTze2e5
सीएम ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ केवल साहित्य नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और जीवन-दर्शन की सजीव अभिव्यक्ति हैं। उनकी संवेदनशील दृष्टि और मौलिक भाषा-शैली सदैव पाठकों को प्रेरणा देती रहेंगी और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अमिट रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस दुःख की घड़ी में सभी को संबल प्रदान करें और पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
छत्तीसगढ़ बीजेपी ने लिखा कि महान साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल जी का निधन अपूरणीय क्षति है। आज पूरा छत्तीसगढ़ शोक में है। दीवार में एक खिड़की रहती थी, नौकर की कमीज जैसी अनमोल कृतियों से उनकी असाधारण लेखन प्रतिभा का ज्ञात होता है। हिन्दी साहित्य जगत में अपने अमूल्य योगदान के लिए वे हमेशा स्मरणीय रहेंगे। कालजयी कृतियों के रचनाकार शुक्ल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल जी का निधन एक बड़ी क्षति है। नौकर की कमीज, दीवार में एक खिड़की रहती थी जैसी चर्चित कृतियों से साधारण जीवन को गरिमा देने वाले विनोद जी छत्तीसगढ़ के गौरव के रूप में हमेशा हम सबके हृदय में विद्यमान रहेंगे।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 23, 2025
संवेदनाओं से परिपूर्ण उनकी रचनाएँ पीढ़ियों… pic.twitter.com/47mFIzFYBc