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CG: MBBS नीट मेरिट लिस्ट में अनियमितता! एनएसयूआई का हल्लाबोल आज, इधर IGKV में नोट की माला लेकर किया हंगामा
Sat, 22 Aug 2026 09:56 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Sat, 22 Aug 2026 09:56 AM IST
सार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में जेन जी फिर सक्रिय हो गये हैं। प्रदेश की राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी पेपर लीक के बाद अब एमबीबीएस नीट की मेरिट लिस्ट में संभावित अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई आज 22 अगस्त को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन करेगी।
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एनएसयूआई ने IGKV में नोट की माला लेकर किया हंगामा
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में जेन जी फिर सक्रिय हो गये हैं। प्रदेश की राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी पेपर लीक के बाद अब एमबीबीएस नीट की मेरिट लिस्ट में संभावित अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई आज 22 अगस्त को दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन करेगी। दूसरी ओर शुक्रवार को एनएसयूआई ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV)में पेपर लीक मामले को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय का घेराव किया गया। नोटों की माला और डायपर लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
इस दौरान एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं विद्यार्थियों के भविष्य और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। विश्वविद्यालय में पेपर लीक का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2022 और 2024 में भी प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र वाट्सएपके जरिये से वायरल होने और परीक्षा में वहीं प्रश्नपत्र आने का मामला सामने आया है। बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आना परीक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को बयां करता है।
तीसरी बार पेपर लीक
एनएसयूआई ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस माध्यम से वायरल हुआ इसकी जांच की जाए। इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यार्थियों के हित में परीक्षा को लेकर उचित निर्णय लिया जाए, ताकि किसी भी विद्यार्थी के भविष्य के साथ अन्याय न हो। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। वर्ष 2022 और 2024 के बाद अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र वाट्सएप पर वायरल होने और वही प्रश्नपत्र परीक्षा में आने की बात सामने आई है। यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
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दी ये चेतावनी
जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने कहा कि विद्यार्थी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो जाए। वहीं प्रश्नपत्र परीक्षा में आ जाए तो यह मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ सीधा अन्याय है। एनएसयूआई की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 72 घंटों में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ फिर आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
एनएसयूआई के प्रदर्शन में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अध्यक्ष हरिओम तिवारी, प्रदेश सचिव विशाल कुकरेजा, महताब हुसैन, जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, यूटीडी अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे, आशीष तिवारी, अनुज सिंह, दिव्यांश श्रीवास्तव,आलोक सिंह, प्रतीक ध्रुव,सौरभ नाग , कृष सहारे, सुमित शुक्ला, प्रियांशु सिंह,लोमेश साहू ,उत्कर्ष खिलारी आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं विद्यार्थियों के भविष्य और विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। विश्वविद्यालय में पेपर लीक का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2022 और 2024 में भी प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र वाट्सएपके जरिये से वायरल होने और परीक्षा में वहीं प्रश्नपत्र आने का मामला सामने आया है। बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आना परीक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को बयां करता है।
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तीसरी बार पेपर लीक
एनएसयूआई ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस माध्यम से वायरल हुआ इसकी जांच की जाए। इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यार्थियों के हित में परीक्षा को लेकर उचित निर्णय लिया जाए, ताकि किसी भी विद्यार्थी के भविष्य के साथ अन्याय न हो। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। वर्ष 2022 और 2024 के बाद अब तीसरी बार परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र वाट्सएप पर वायरल होने और वही प्रश्नपत्र परीक्षा में आने की बात सामने आई है। यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
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दी ये चेतावनी
जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने कहा कि विद्यार्थी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो जाए। वहीं प्रश्नपत्र परीक्षा में आ जाए तो यह मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ सीधा अन्याय है। एनएसयूआई की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 72 घंटों में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ फिर आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
एनएसयूआई के प्रदर्शन में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अध्यक्ष हरिओम तिवारी, प्रदेश सचिव विशाल कुकरेजा, महताब हुसैन, जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, यूटीडी अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे, आशीष तिवारी, अनुज सिंह, दिव्यांश श्रीवास्तव,आलोक सिंह, प्रतीक ध्रुव,सौरभ नाग , कृष सहारे, सुमित शुक्ला, प्रियांशु सिंह,लोमेश साहू ,उत्कर्ष खिलारी आदि मौजूद रहे।