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CG Cabinet Expansion: दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र ने ली मंत्री पद की शपथ, जानें उनका राजनीतिक सफर, क्या है समीकरण
Wed, 20 Aug 2025 11:46 AM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Wed, 20 Aug 2025 11:46 AM IST
सार
CG Cabinet Expansion; Durg MLA Gajendra Yadav: विष्णुदेव मंत्रिमंडल का बुधवार को विस्तार हुआ।
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दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र ने ली मंत्री पद की शपथ
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
CG Cabinet Expansion; Durg MLA Gajendra Yadav: विष्णुदेव मंत्रिमंडल का बुधवार को विस्तार हुआ। तीन नये मंत्रियों में से एक मंत्री दुर्ग संभाग से बनाया गया। इसमें दुर्ग शहर के विधायक गजेन्द्र यादव ने 20 अगस्त को मंत्री पद की शपथ ली। दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव पहली बार के विधायक हैं। वो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण वोरा को हराकर पहली बार विधायक बने हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में गजेंद्र यादव ने दुर्ग शहर सीट से करीब 4 हजार 697 वोटों से जीत दर्ज की है। यादव आरएसएस बैक ग्राउंड से ताल्लुक रखते हैं। गजेंद्र यादव के पिता बिसरा राम यादव भी आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी रह चुके हैं।
अविभाजित मध्य प्रदेश में सबसे कम उम्र के पार्षद का रिकार्ड
दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव का जन्म 15 जुलाई 1978 को हुआ था। वो कचहरी वार्ड दुर्ग के मारवाड़ी विद्यालय से प्राथमिक, मिडिल /हायर की शिक्षा सरकारी स्कूल दुर्ग से और स्नाकोत्तर की शिक्षा साइंस कॉलेज दुर्ग से ली। भिलाई में फिटर ट्रेड से आईटीआई किये। किसान परिवार में जन्में गजेन्द्र यादव ने राज्य मुख्य आयुक्त स्काऊट -गाइड के रूप में प्रदेश को नई पहचान दिलाई। अविभाजित मध्यप्रदेश में सबसे कम उम्र के पार्षद होने का रिकार्ड बनाया। गजेन्द्र यादव 21 वर्ष की आयु में अविभाजित मध्यप्रदेश के सबसे कम उम्र का पार्षद निर्वाचित होने रिकार्ड कायम करने के साथ ही शहर की जनता का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। वहीं राज्य मुख्य आयुक्त स्काऊट गाइड के रूप में बेहतर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को देश में नई पहचान दिलाने के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए। वे महज 35 वर्ष की आयु में देश के सबसे कम उम्र के स्काऊट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त रहे ।राज्य मुख्य आयुक्त के रूप में उनके कार्यों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी तारीफ हुई। राज्य मुख्य आयुक्त के रूप सबसे कम समय में देश स्काउट गाइड में छत्तीसगढ़ की उल्लेखनीय भूमिका को देखते हुए वर्ष 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने प्रदेश को स्काऊट गाइड का सर्वोच्च सम्मान दिया।
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छात्र जीवन से राजनीतिक सफर की शुरुआत
गजेन्द्र यादव ने वर्ष 1996 में साइंस कालेज दुर्ग से बीएससी की पढ़ाई के दौरान अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हुए दिवंगत ताराचंद साहू के लोकसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य किया। इसके बाद वर्ष 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में भी ताराचंद साहू के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया। उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें वार्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। अध्यक्ष के रूप में वर्ष 1998 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी रहे हेमचंद यादव के लिए काम किया।
पांच बार के पार्षद और पूर्व उपमहापौर को हराकर आए चर्चा में
भाजपा ने वर्ष 1999 में दुर्ग नगर निगम चुनाव में उन्हें कचहरी वार्ड से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में गजेन्द्र ने पांच बार के पार्षद और पूर्व उपमहापौर रहे खेमलाल सिन्हा को हराकर पार्षद निर्वाचित हुए। वर्ष 2005 तक पार्षद रहे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद तत्कालीन शिक्षामंत्री मेघाराम साहू ने वर्ष 2005 में गजेन्द्र यादव को स्काउट गाइड का राज्य सचिव नियुक्त किया। पार्टी ने उन्हें वर्ष 2009 में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी थी।
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अविभाजित मध्य प्रदेश में सबसे कम उम्र के पार्षद का रिकार्ड
दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव का जन्म 15 जुलाई 1978 को हुआ था। वो कचहरी वार्ड दुर्ग के मारवाड़ी विद्यालय से प्राथमिक, मिडिल /हायर की शिक्षा सरकारी स्कूल दुर्ग से और स्नाकोत्तर की शिक्षा साइंस कॉलेज दुर्ग से ली। भिलाई में फिटर ट्रेड से आईटीआई किये। किसान परिवार में जन्में गजेन्द्र यादव ने राज्य मुख्य आयुक्त स्काऊट -गाइड के रूप में प्रदेश को नई पहचान दिलाई। अविभाजित मध्यप्रदेश में सबसे कम उम्र के पार्षद होने का रिकार्ड बनाया। गजेन्द्र यादव 21 वर्ष की आयु में अविभाजित मध्यप्रदेश के सबसे कम उम्र का पार्षद निर्वाचित होने रिकार्ड कायम करने के साथ ही शहर की जनता का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। वहीं राज्य मुख्य आयुक्त स्काऊट गाइड के रूप में बेहतर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को देश में नई पहचान दिलाने के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए। वे महज 35 वर्ष की आयु में देश के सबसे कम उम्र के स्काऊट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त रहे ।राज्य मुख्य आयुक्त के रूप में उनके कार्यों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी तारीफ हुई। राज्य मुख्य आयुक्त के रूप सबसे कम समय में देश स्काउट गाइड में छत्तीसगढ़ की उल्लेखनीय भूमिका को देखते हुए वर्ष 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने प्रदेश को स्काऊट गाइड का सर्वोच्च सम्मान दिया।
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छात्र जीवन से राजनीतिक सफर की शुरुआत
गजेन्द्र यादव ने वर्ष 1996 में साइंस कालेज दुर्ग से बीएससी की पढ़ाई के दौरान अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हुए दिवंगत ताराचंद साहू के लोकसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य किया। इसके बाद वर्ष 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में भी ताराचंद साहू के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया। उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें वार्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। अध्यक्ष के रूप में वर्ष 1998 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी रहे हेमचंद यादव के लिए काम किया।
पांच बार के पार्षद और पूर्व उपमहापौर को हराकर आए चर्चा में
भाजपा ने वर्ष 1999 में दुर्ग नगर निगम चुनाव में उन्हें कचहरी वार्ड से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में गजेन्द्र ने पांच बार के पार्षद और पूर्व उपमहापौर रहे खेमलाल सिन्हा को हराकर पार्षद निर्वाचित हुए। वर्ष 2005 तक पार्षद रहे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद तत्कालीन शिक्षामंत्री मेघाराम साहू ने वर्ष 2005 में गजेन्द्र यादव को स्काउट गाइड का राज्य सचिव नियुक्त किया। पार्टी ने उन्हें वर्ष 2009 में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी थी।