{"_id":"68da76ed80164b6b050e5ffa","slug":"cg-baba-hardas-ram-sahib-death-anniversary-celebration-in-raipur-cm-vishnudeo-sai-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG: बाबा हरदास राम साहिब बरसी महोत्सव; सीएम साय बोले- छत्तीसगढ़ पर सदा बना रहे संतों का आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG: बाबा हरदास राम साहिब बरसी महोत्सव; सीएम साय बोले- छत्तीसगढ़ पर सदा बना रहे संतों का आशीर्वाद
Mon, 29 Sep 2025 05:39 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Mon, 29 Sep 2025 05:39 PM IST
सार
Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचकर संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल हुए।
विज्ञापन
बाबा हरदास राम साहिब बरसी महोत्सव में शामिल हुए सीएम साय
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Raipur: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचकर संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल हुए। संत परंपरा को नमन करते हुए गोदड़ीवाला धाम में स्थापित संत गेला राम साहिब की प्रतिमा के सामने माथा टेका। प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस दौरान सीएम साय ने कहा कि यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।
मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान श्रीराम को आज भी अपना भांजा मानते हैं। प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने के लिये ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।
विज्ञापन
इस दौरान सीएम साय ने कहा कि यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान श्रीराम को आज भी अपना भांजा मानते हैं। प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने के लिये ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।