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छत्तीसगढ़ बन रहा टेक्नोलॉजी हब: नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी
Thu, 07 Aug 2025 04:06 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 07 Aug 2025 04:06 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इससे अब राज्य को टेस्टिंग और प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
यह परियोजना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इसके जरिए राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए एक नया युग शुरू होगा। कॉमन फैसिलिटी सेंटर को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसकी कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75 करोड़ रुपये MeitY द्वारा EMC 2.0 योजना के तहत दिए जाएंगे, जबकि शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। भूमि की व्यवस्था नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) करेगा।
यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की विकास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC टेस्टिंग और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। साथ ही अर्धचालक, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), ऑटोमेशन और SCADA पैनल जैसी इकाइयों को भी तकनीकी सहयोग मिलेगा।
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उदाहरण के लिए, कोई स्टार्टअप अपने सोलर कंट्रोलर डिज़ाइन को बड़े पैमाने पर उत्पादन से पहले यहां प्रोटोटाइप कर सकता है। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता EMC लैब में अपने उत्पाद की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता की जांच कर सकता है। 3D प्रिंटिंग और PCB प्रोटोटाइपिंग से निर्माण प्रक्रियाएं तेज होंगी और नवाचार को गति मिलेगी।
राज्य सरकार की उद्योग नीति पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। इस फैसिलिटी सेंटर की स्थापना से निवेश को और मजबूती मिलेगी। NRANVP द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और निवेश को नया बल देगी। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और नवाचार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को तकनीकी क्रांति की दिशा में ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनेगा, और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में एक पावरहाउस के रूप में उभरेगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं राज्य के तकनीकी ढांचे को मजबूत करेंगी और युवाओं को वे संसाधन मिल सकेंगे, जो अब तक सिर्फ मेट्रो शहरों में उपलब्ध थे। यह पहल छत्तीसगढ़ को डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी।
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यह परियोजना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार की गई है। इसके जरिए राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए एक नया युग शुरू होगा। कॉमन फैसिलिटी सेंटर को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसकी कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75 करोड़ रुपये MeitY द्वारा EMC 2.0 योजना के तहत दिए जाएंगे, जबकि शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। भूमि की व्यवस्था नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) करेगा।
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यह सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की विकास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC टेस्टिंग और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। साथ ही अर्धचालक, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), ऑटोमेशन और SCADA पैनल जैसी इकाइयों को भी तकनीकी सहयोग मिलेगा।
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उदाहरण के लिए, कोई स्टार्टअप अपने सोलर कंट्रोलर डिज़ाइन को बड़े पैमाने पर उत्पादन से पहले यहां प्रोटोटाइप कर सकता है। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता EMC लैब में अपने उत्पाद की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता की जांच कर सकता है। 3D प्रिंटिंग और PCB प्रोटोटाइपिंग से निर्माण प्रक्रियाएं तेज होंगी और नवाचार को गति मिलेगी।
राज्य सरकार की उद्योग नीति पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। इस फैसिलिटी सेंटर की स्थापना से निवेश को और मजबूती मिलेगी। NRANVP द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और निवेश को नया बल देगी। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और नवाचार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को तकनीकी क्रांति की दिशा में ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनेगा, और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में एक पावरहाउस के रूप में उभरेगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं राज्य के तकनीकी ढांचे को मजबूत करेंगी और युवाओं को वे संसाधन मिल सकेंगे, जो अब तक सिर्फ मेट्रो शहरों में उपलब्ध थे। यह पहल छत्तीसगढ़ को डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी।