CG: महिला जनप्रतिनिधि के साथ जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष के चेंबर में शारीरिक शोषण, आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज
गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में घर में घुसकर दो महिलाओं के हंगामा व मारपीट के मामले में दोनों महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं, पीड़िता ने शारीरिक शोषण का स्थल गौरेला जनपद पंचायत कार्यालय भवन में जनपद उपाध्यक्ष के चेंबर को भी बतलाया है।
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पेंड्रा थाना क्षेत्र के तेंदूपारा में एक व्यक्ति के घर में घुसकर दो महिलाओं के हंगामा व मारपीट के मामले में पेंड्रा थाने में दोनों महिलाओं के खिलाफ बीते शनिवार को एफआईआर दर्ज होने की गई थी। इसके बाद अब गौरेला थाने में दोनों में से एक महिला जनप्रतिनिधि की ओर से दी गई शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। इसमें महिला की शिकायत पर गौरेला पुलिस ने पेंड्रा के तेंदुपारा निवासी सुभाष रजक के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़िता ने शारीरिक शोषण का स्थल गौरेला जनपद पंचायत कार्यालय भवन में जनपद उपाध्यक्ष के चेंबर को भी बतलाया है।
गौरेला थाने में एक महिला जनप्रतिनिधि ने शारीरिक शोषण का मामला दर्ज कराया है, जिसमें पेंड्रा निवासी सुभाष रजक नाम के व्यक्ति पर महिला के साथ लगातार शारीरिक शोषण करने की बात सामने आई है। मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि शारीरिक शोषण में जिस जगह का जिक्र पुलिस एफआईआर में किया गया है। उसमें से एक स्थल शासकीय कार्यालय है, जो गौरेला जनपद कार्यालय का जनपद उपाध्यक्ष का ऑफिस है।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी सुभाष रजक फरार है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। शासकीय कार्यालय में शोषण की बात सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, जनपद के सीईओ इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। वे इसे गलत तो बता रहे हैं पर अभिज्ञता जाहिर कर पूरे मामले से खुद को और कार्यालय को बाहर करते दिख रहे हैं।
दरअसल, कल दो पीड़ित महिलाओं ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर उनके साथ लगातार शारीरिक शोषण करने की शिकायत की थी। साथ ही यह भी कहा था कि जिस युवक ने उनके साथ शोषण किया है उसने ही उनके खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने का अपराध पंजीबद्ध कराया, जबकि वे पेंड्रा थाने पहुंचकर लगातार अपने साथ हुई शारीरिक शोषण की बात कहते रहे पर पुलिस ने उनकी एक न सुनी और उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया।