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'मैं जिंदा हूं, मेरी जमीन हड़पने के लिए जारी हुआ जाली मृत्यु प्रमाण पत्र'
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Tue, 28 Nov 2017 06:49 PM IST
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बिलासपुर में जिंदा महिला को मृत बताया
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छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायत द्वारा मृत करार दे दी गई महिला को जिंदा होने के सबूत के तौर पर खुद को पेश करना पड़ा। बिलासपुर जिले के मोपका गांव की रहनेवाली बेदीन बाई जब सिटी मजिस्ट्रेट के सामने खड़ी हो गई तो वहां मौजूद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में जनदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को बेदीन बाई ने बताया कि गतौरा ग्राम पंचायत ने उनके नाम का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। बेदीन बाई के मुताबिक विकास संग्राम नाम के शख्स ने उनकी जमीन हड़पने के लिए राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर उसके मृत्यु प्रमाण पत्र के जाली दस्तावेज तैयार कराए।
सिटी मजिस्ट्रेट को दिए अपने बयान में बेदिन बाई ने बताया कि मोपका गांव में खसरा नंबर 190 के अंतर्गत 20 डिसमिल जमीन है। विकास संग्राम ने ऋण पुस्तिका बनाने के लिए शपथ पत्र देने की बात कही और उनकी जमीन का 26 अगस्त 2017 को रजिस्ट्री कार्यालय में मुख्तयारनामा करवा लिया है।
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बेदिन का कहना है कि, 'विकास संग्राम व अन्य लोगों ने मेरे जीवित रहते हुए ग्राम पंचायत गतौरा के सरंपच से मिलीभगत कर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया है। इसी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए मेरी जमीन को बेचने की कोशिश की जा रही है। ग्राम पंचायत मोपका की पटवारी मृदुला राठौर ने इस बात की जानकारी मुझे दी।'
पटवारी के मुताबिक कि उसके पास मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए जमीन में नाम बदलवाने की कोशिश की जा रही है। बेदिन ने कहा कि पटवारी के बताने के बाद जब उसने पता किया तो पता चला कि विकास संग्राम ने जाली ऋण पुस्तिका बनवाने के लिए तहसीलदार कोर्ट में आवेदन किया था।
प्रभारी कलेक्टर के सामने बेदिन ने 20 डिसमिल जमीन को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है। पीड़ित बेदिन बाई ने प्रभारी कलेक्टर को बताया कि तहसीलदार कार्यालय के लोग भी जालसाजी में शामिल हैं। वहीं कलेक्टर प्रभारी केडी कुंजाम ने जांच का भरोसा दिया है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में जनदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को बेदीन बाई ने बताया कि गतौरा ग्राम पंचायत ने उनके नाम का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। बेदीन बाई के मुताबिक विकास संग्राम नाम के शख्स ने उनकी जमीन हड़पने के लिए राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर उसके मृत्यु प्रमाण पत्र के जाली दस्तावेज तैयार कराए।
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सिटी मजिस्ट्रेट को दिए अपने बयान में बेदिन बाई ने बताया कि मोपका गांव में खसरा नंबर 190 के अंतर्गत 20 डिसमिल जमीन है। विकास संग्राम ने ऋण पुस्तिका बनाने के लिए शपथ पत्र देने की बात कही और उनकी जमीन का 26 अगस्त 2017 को रजिस्ट्री कार्यालय में मुख्तयारनामा करवा लिया है।
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बेदिन का कहना है कि, 'विकास संग्राम व अन्य लोगों ने मेरे जीवित रहते हुए ग्राम पंचायत गतौरा के सरंपच से मिलीभगत कर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया है। इसी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए मेरी जमीन को बेचने की कोशिश की जा रही है। ग्राम पंचायत मोपका की पटवारी मृदुला राठौर ने इस बात की जानकारी मुझे दी।'
पटवारी के मुताबिक कि उसके पास मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए जमीन में नाम बदलवाने की कोशिश की जा रही है। बेदिन ने कहा कि पटवारी के बताने के बाद जब उसने पता किया तो पता चला कि विकास संग्राम ने जाली ऋण पुस्तिका बनवाने के लिए तहसीलदार कोर्ट में आवेदन किया था।
प्रभारी कलेक्टर के सामने बेदिन ने 20 डिसमिल जमीन को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई है। पीड़ित बेदिन बाई ने प्रभारी कलेक्टर को बताया कि तहसीलदार कार्यालय के लोग भी जालसाजी में शामिल हैं। वहीं कलेक्टर प्रभारी केडी कुंजाम ने जांच का भरोसा दिया है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।