फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bilaspur High Court gave important order regarding return land occupied by army

सेना के कब्जे वाली जमीन वापसी मामला : कोर्ट का आदेश, रक्षा मंत्रालय में 90 करोड़ रुपये जमा कराए राज्य सरकार

Fri, 28 Jul 2023 10:01 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: श्याम जी. Updated Fri, 28 Jul 2023 10:01 PM IST
सार

बिलासपुर हाईकोर्ट ने सेना के कब्जे वाली एक हजार 12 एकड़ जमीन वापसी के मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि सेना की जमीन लेने के लिए बिलासपुर कलेक्टर के माध्यम से एक सप्ताह में 90 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय में जमा कराया जाए। 

विज्ञापन
Bilaspur High Court gave important order regarding return land occupied by army
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिलासपुर स्थित चकरभाठा में सेना के कब्जे वाली एक हजार 12 एकड़ जमीन वापसी के मामले में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि सेना की जमीन लेने के लिए बिलासपुर कलेक्टर के माध्यम से एक सप्ताह में 90 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय में जमा कराया जाए। साथ ही रक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया है कि यह राशि जमा होने के सप्ताह भर में जमीन राज्य शासन को वापस की जाए। 

विज्ञापन


भोपाल-इंदौर फ्लाइट बंद करने के मामले में एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जवाब देते हुए हाईकोर्ट में कहा कि 30 प्रतिशत ही बुकिंग हो रही थी और टिकट कट रहे थे। इस पर याचिकाकर्ता ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि 50 प्रतिशत टिकिट की बुंकिंग हो रही थी। कोर्ट ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को पूरे आंकड़े सहित रिपोर्ट पेश करने कहा है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी। पिछली सुनवाई में डिवीजन बेंच ने पूछा था कि अगर केंद्र और राज्य सरकार दोनों सैद्धांतिक रूप से जमीन वापस के लिए सहमत हैं तो इस पर समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन


डिवीजन बेंच ने इसके लिए 45 दिनों का समय देते हुए कहा था कि इस जनहित के कार्य के लिए केंद्र और राज्य सरकार शीघ्र ठोस कदम उठाए। साथ ही यह भी कहा गया था कि 28 एकड़ जमीन वापसी के बजाए एक हजार 12 एकड़ जमीन को एक बार में ही वापसी के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि एयरपोर्ट के संपूर्ण विकास के लिए 1012.48 एकड़ भूमि एयरपोर्ट को देने के लिए केंद्र सरकार तैयार है। राज्य शासन भी उसके एवज में राशि प्रदान करने के लिए तैयार है और अभी तत्काल रूप से आवश्यक 28 एकड़ भूमि नाइट लैंडिंग के लिए देने के लिए सेना भी तैयार है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य ने भी इसके लिए आवश्यक कार्रवाई के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाने की बात कही है। इसलिए उक्त चिन्हित भूमि पर कार्य शुरु करने की अनुमति दिये जाने संबंधी आदेश जारी किया,  जिससे नाइट लैंडिंग के लिए किए जा रहे कार्यों में तेजी आएगी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने बिलासपुर में फ्लाईट बंद करने को लेकर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अलायंस एयर ने बिलासपुर-भोपाल उड़ान के लिए तीन साल का एग्रीमेंट किया था, लेकिन चार महीने में फ्लाईट बंद कर दी गई और एग्रीमेंट का पालन नहीं किया। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा था कि अलायंस एयर पर एयरपोर्ट अथॉर्टी ऑफ इंडिया ने क्या कार्रवाई की है। 


इस केस की सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथार्टी ऑफ इंडिया ने अपने जवाब में बताया है कि बिलासपुर-भोपाल उड़ान को बंद कर बिलासपुर-इंदौर उड़ान शुरू की गई है, लेकिन इसे उड़ान योजना का दर्जा नहीं दिया गया था, इसलिए उसमें व्हीजीफी सब्सिडी नहीं दी गई। एयरपोर्ट अथॉर्टी ऑफ इंडिया ने यह भी बताया है कि बिलासपुर-इंदौर फ्लाइट को बंद करना एलायंस एयर का व्यावसायिक निर्णय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed