{"_id":"684ecd483ffad590f608481b","slug":"sadhvi-pragya-thakur-said-there-is-a-need-to-make-strict-laws-on-religious-conversion-in-bilaspur-2025-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बोलीं-धर्मांतरण पर कठोर कानून बनाने की जरूरत, भोले होते हैं सनातनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बोलीं-धर्मांतरण पर कठोर कानून बनाने की जरूरत, भोले होते हैं सनातनी
Sun, 15 Jun 2025 07:14 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 15 Jun 2025 07:14 PM IST
सार
बिलासपुर पहुंची साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने आज धर्मांतरण, लव जिहाद और गौ तस्करी को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि छग में धर्मांतरण पर कठोर कानून बनाने की जरूरत है।
विज्ञापन
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिलासपुर पहुंची साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने आज धर्मांतरण, लव जिहाद और गौ तस्करी को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि छग में धर्मांतरण पर कठोर कानून बनाने की जरूरत है। सनातन धर्म पर प्रतिक्रिया देते हुए साध्वी ने कहा कि सनातनी भोले होते हैं,इसलिए उन्हें बरगला दिया जाता है। सनातनी ही कहते हैं कि सभी धर्म एक समान होते हैं,जबकि उन्हें यही नहीं पता कि धर्म केवल एक ही है, बांकी सारे पंत हैं। लोगों को कानून बनाकर स्वधर्म छोड़ने से रोकना होगा। उन्हें बताना होगा कि स्वधर्म छोड़ने से क्या क्या नुकसान होंगे।
विज्ञापन
प्रज्ञा ने लव जिहाद पर कहा कि विधर्मी हमारी बालिकाओं को लेकर जाते हैं। उन्हें झूठा आश्वासन देते हैं और फिर उन्हें कई टुकड़ों में काट देते हैं,या फिर बेच देते हैं। वो उनके साथ कई बच्चे पैदा करके अपना पंत बढ़ाना चाहते हैं। वो हिंदुओं को घटाना चाहते हैं। जब तक हिंदू है तब तक भारत है।अगर हिंदू नहीं होगा तो भारत भी नहीं रहेगा।जरूरत है कि हम अपनी बहन बेटियों को दूसरे पंत में नहीं जाने दें, उनसे अपनी बहन बेटियां सम्हल नहीं रही और हमारी बेटियों को बरगलाने में लगे हैं। साध्वी प्रज्ञा ने गौ तस्करी पर कहा कि कानून के अंतर्गत चलकर इनको सजा दिलाना होगा।अगर कोई गाय को मार ही रहा है,तो फिर उसे छोड़ना नहीं है।उसे इतना पीटो की पीड़ा किसे कहते हैं ये उसे एहसास हो जाय।
विज्ञापन