Bilaspur: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बोलीं डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना, वैश्विक विज्ञान वैश्विक भलाई के लिए है
इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ विजय लक्ष्मी सक्सेना ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन सीवी रमन के जन्म दिवस पर विज्ञान के क्षेत्र में जागरूकता लाने के लिए किया जाता है।
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अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन सीवी रमन के जन्म दिवस पर विज्ञान के क्षेत्र में जागरूकता लाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि आदि काल से ही भारतीय समाज का मूल मंत्र वैश्विक विज्ञान वैश्विक भलाई के लिए रहा है। इससे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके साथ ही विश्व विद्यालय के कुलगीत और इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन का थीम का गायन हुआ।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के सचिव और बिलासपुर चेप्टर के संयोजक डॉ लतिका ने स्वागत भाषण किया। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अशोक सक्सेना ने इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के प्रारंभ से लेकर वर्तमान तक अधिवेशन और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस संस्था के 60 हजार से अधिक सदस्य हैं। इस संस्था के अंतर्गत 29 चेप्टर कार्य कर रही है। आज बिलासपुर चेप्टर का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि नाम भले ही बिलासपुर है परन्तु इसका कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश रहेगा।
विशिष्ट अतिथि पूर्व अध्यक्ष इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन डॉ. एच पी तिवारी ने कहा कि तार्किक ढंग से किसी समस्या का निदान करना ही वैज्ञानिक सोच है। मुझे विश्वास है कि बिलासपुर चेप्टर इस क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान में बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेई ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए ऐतिहासिक महत्व का है। पश्चिमी देशों और भारतीय समाज के विज्ञान के उद्देश्य में मूलभूत अंतर है। पश्चिमी देशों का विज्ञान का उद्देश्य प्रकृति पर विजय कैसे प्राप्त करें और भारतीय समाज में विज्ञान का उद्देश्य प्रकृति के साथ कैसे मिलकर समाज का लाभ करें है। इस दौरान विज्ञान की माडल प्रदर्शनी, शोध पत्र की प्रस्तुति और हेकाथलान प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 300 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हुए। युवाओं को यंग साइंटिस्ट और बेस्ट रिसर्च पेपर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पी के पांडेय, उपकुलसचिव नेहा यादव, नेहा राठिया, सहायक कुलसचिव फखरूद्दीन कुरेशी, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. मनोज सिन्हा, डॉ कलाधर, डॉ सत्य प्रकाश कोषाध्यक्ष इंडियन साइंस कांग्रेस, डॉ. पीयुष सहित बड़ी संख्या में विश्व विद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी गण रहे।