फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bilaspur-Chhattisgarh News ›   petitions filed rationalization process implemented by School Education Department heard in CG HC

CG: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने युक्तियुक्तकरण मामले में दी राहत, एक याचिका पर 10 दिन का स्टे, जानें मामला

Thu, 05 Jun 2025 09:25 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 05 Jun 2025 09:25 PM IST
सार

बिलासपुर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। महासमुंद की एक महिला शिक्षक की याचिका पर कोर्ट ने 10 दिन का स्थगन आदेश जारी किया, जबकि अन्य याचिकाएँ निराकृत कर दी गईं।

विज्ञापन
petitions filed rationalization process implemented by School Education Department heard in CG HC
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : highcourt.cg.gov.in

विस्तार

प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे युक्तियुक्तकरण के मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में पेश याचिकाएं निराकृत कर दी गई हैं। वहीं महासमुंद जिले की एक महिला शिक्षक की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इस पर्टिकुलर मामले में 10 दिन का स्थगन आदेश (स्टे) जारी कर दिया है।

विज्ञापन


आज सरकार की ओर से पेश तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाओं को निराकृत कर दिया है। सरकार की ओर से आज सुनवाई के दौरान यह कहा गया कि सभी शिक्षकों को दावा आपत्ति के लिए समय दिया जाएगा।
विज्ञापन


जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा के वेकेशन कोर्ट में आज इस मामले में सुनवाई हुई। बता दें कि छत्तीसगढ़ विद्यालयीन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष समेत 34 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिका में युक्तियुक्तकरण में हो रहे काउंसिलिंग नियमों के उल्लंघन को चुनौती दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
प्रदेश में स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर 2 अगस्त 2024 में आदेश जारी हुआ, तो प्रदेश भर में इसका शिक्षकों ने जमकर विरोध किया, तब शासन ने इस पर अमल नहीं किया था। अब 25 अप्रैल 2025 को फिर नया आदेश जारी किया गया,जिसमें कई खामियां गिनाई जा रही हैं।


राज्य शासन अपना एक सेटअप निकालता है, जिसमें स्वीकृत पदों का विवरण होता है। अभी जारी आदेश के अनुसार प्रायमरी स्कूल, मिडिल स्कूल में मर्ज हो रहा है, तो प्रायमरी का प्रधान पाठक अब सहायक शिक्षक बन जायेगा। इसी तरह जिन स्थानों पर हायर सेकेंडरी के साथ ही मिडिल स्कूल भी है तो मर्ज होने के बाद वहां हेड मास्टर फिर से शिक्षक बन जायेगा। धीरे-धीरे पद समाप्त हो रहे हैं। इन्हीं सब बातों को लेकर संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार तिवारी और पाटन ब्लॉक व दुर्ग के 34 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed