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बिलासपुर: हाईकोर्ट ने पुनरीक्षित वेतनमान के एरियर्स भुगतान को लेकर दायर अवमानना याचिका निरस्त की
Tue, 03 Dec 2024 09:35 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Tue, 03 Dec 2024 09:35 PM IST
सार
हाईकोर्ट के आदेश का पालन न होने पर संचालक पंचायत और जिला पंचायत सीईओ कोरिया के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- फोटो : highcourt.cg.gov.in
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विस्तार
बिलासपुर हाईकोर्ट ने पुनरीक्षित वेतनमान के एरियर्स भुगतान को लेकर दायर अवमानना याचिका मंगलवार को निरस्त कर दी। एरियर्स पर ब्याज देने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन न होने पर संचालक पंचायत और जिला पंचायत सीईओ कोरिया के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। विभाग की ओर से 10 प्रतिशत ब्याज देने की जानकारी दी गई, इसके बाद अवमानना याचिका को कोर्ट ने निराकृत कर दिया।
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अविनाश नामदेव सहित सात अन्य कोरिया जिला पंचायत अंतर्गत शिक्षक पंचायत के पद पर कार्यरत थे। बाद में उनका शिक्षा विभाग में विलय कर दिया गया। शासन के निर्णय अनुसार पंचायत शिक्षकों को आठ साल की सेवा के बाद पुनरीक्षित वेतनमान मिलना था। लेकिन इसका लाभ नहीं मिला। शिक्षकों ने इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका स्वीकार करते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि पुनरीक्षित वेतनमान और उसका एरियर्स 90 दिन में दे अन्यथा 10 प्रतिशत ब्याज देना होगा। पंचायत विभाग ने करीब तीन साल बाद एरियर्स का भुगतान तो कर दिया, लेकिन ब्याज नहीं दिया। जिस पर अवमानना याचिका लगाई गई। मामले में कोर्ट ने संचालक पंचायत और सीईओ कोरिया को अवमानना नोटिस जारी किया। संचालक ने सात शिक्षकों के लिए 11 लाख रुपये ब्याज के लिए आवंटित किया और सीईओ ने उक्त राशि का याचिकाकर्ताओं को भुगतान कर न्यायालय में जानकारी दी।
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