बिलासपुर हाईकोर्ट: एयरपोर्ट विस्तार को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई, गलत जानकारी देने पर PWD के SDO को नोटिस
बिलासपुर में हवाई अड्डे और सुविधाओं के विस्तार से संबंधित जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आज हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आदित्य ग्रोवर को अवमानना नोटिस जारी किया है।
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बिलासपुर में हवाई अड्डे और सुविधाओं के विस्तार से संबंधित जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आज हाईकोर्ट ने कड़ा रूख अपनाते हुए पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आदित्य ग्रोवर को अवमानना नोटिस जारी किया है। एसडीओ ने 19 मार्च की सुनवाई में बांउड्रीवाल पूरा होने संबंधी गलत जानकारी दी थी,जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और पीडब्ल्यूडी के एसडीओ के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का नोटिस जारी किया।
गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा जानकारी असत्य होने का दावा करने पर जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधा कृष्ण अग्रवाल की खण्डपीठ ने दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं वाई.सी शर्मा और राजीव श्रीवास्तव को कोर्ट कमिश्नर बनाकर मामले की जांच के लिए उसी दिन एयरपोर्ट भेजा था। आज वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में खण्डपीठ को प्रस्तुत की गई।
रिपोर्ट के अध्ययन के साथ ही हाईकोर्ट को यह स्पष्ट हो गया कि बांउड्रीवाल का निर्माण उन्नीस मार्च को पूरा नहीं हुआ था और कई हिस्से में काम बांकी थे। रिपोर्ट के साथ लगे फोटोग्राफ यह बात स्पष्ट कर रहे थे। इसे देखकर खण्डपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता राजकुमार गुप्ता से पूछा कि किस अधिकारी के कहने पर आपने बाउंड्रीवाल के पूरा होने की जानकारी कोर्ट को दी थी। इस पर अतिरिक्त महाधिवकता ने पीडब्ल्यूडी के एसडीओ को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया। मौखिक रूप से अपना स्पष्टीकरण दे रहे अधिकारी को कोर्ट ने नहीं सुना और उन्हे शपथपत्र के माध्यम से कंटेम्पट ऑफ कोर्ट नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिये।
मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल के लिए नियत की गई है। हाईकोर्ट ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि पीडब्ल्यूडी द्वारा अदालत में चल रही सुनवाई को काफी हल्के में लिया गया है, और यह रवैया कही से भी बर्दाश्त किये जाने योग्य नहीं है।
आज की सुनवाई में हाईकोर्ट ने अलायंस एयर को भी बिलासपुर दिल्ली उड़ान के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिया है। गौरतलब है कि यायिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट का ध्यान गत 13 फरवरी के आदेश की ओर आकृष्ट किया जिसमें अलायंस एयर के द्वारा 29 फरवरी के बाद भी बिलासपुर दिल्ली व्हाया जबलपुर और प्रयागराज रूट पर चल रही उड़ानों के आगे भी सतत् संचालित होने का भरोसा दिया था। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी बताया गया कि उस वक्त 4 दिन व्हाया जबलपुर और 3 दिन व्हाया प्रयागराज दिल्ली के लिए उड़ान चल रही थी।
अब जबकि राज्य सरकार के एमओयू के बाद दिल्ली के लिए अतिरिक्त सीधी उड़ान देने की बात हुई है, तब भी पूरे अप्रैल के महीने में अलायंस एयर की दिल्ली रूट के लिए केवल 15 उड़ाने दर्शित हो रही है। इनमें सीधी उड़ान और व्हाया उड़ान शामिल है। इसी तरह मई के महिने में केवल 10 उड़ान दर्शित है। इस स्थिति में खण्डपीठ के द्वारा सवाल करने पर अलायंस एयर के अधिवक्ता शोभित कोष्टा ने आगामी 07 अप्रैल को नया फ्लाईट शेड्यूल लागू होने पर स्थिति में सुधार का दावा किया है। अलायंस एयर अगली सुनवाई के पहले अपना शपथ पत्र दाखिल करेगी।
अनिल टुटेजा और यश टुटेजा को हाईकोर्ट से राहत
प्रदेश में हुए कथित शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और उनके पुत्र यश टुटेजा को हाईकोर्ट से राहत मिली है। शराब घोटाला मामले में एफ़आइआर दर्ज कर एसीबी/ईओडब्लू जांच कर रही है। आज सुनवाई के दौरान एसीबी/ईओडब्ल्यू ने जवाब पेश करने कोर्ट से समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने 2 हफ्ते का समय दिया, तब तक याचिकाकर्ता अनिल टुटेजा और उनके पुत्र यश टुटेजा के विरुध्द Acb/Eow की किसी भी दंडात्मक कार्यवाही पर रोक लगाई है। हालांकि एसीबी/ईओडब्ल्यू की जांच जारी रहेगी। मामले की सुनवाई जस्टिस एन के चंद्रवंशी की कोर्ट में हुई।
छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के समय कथित शराब घोटाला मामला सामने आया था। ईडी ने इस मामले में कार्यवाही की और यह पाया कि, राज्य सरकार की सरकारी दुकानों से ही नक़ली होलोग्राम वाली शराब बेची गई। ईडी के अनुसार इस घोटाले में अनवर ढेबर ने अरुण पति त्रिपाठी के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह संचालित किया, जिसके प्रभाव के आगे पूरा सरकारी तंत्र (आबकारी विभाग) बेबस था।
ईडी के अनुसार इस मामले के किंगपिन अनवर ढेबर को असीमित ताक़त भूपेश सरकार में प्रभावशाली अधिकारी अनिल टुटेजा से मिलती थी। इस मामले में ईडी ने जब गिरफ़्तारी की कार्यवाही शुरु की तो सुप्रीम कोर्ट से इस मसले पर आदेश जारी हुआ कि ईडी इस मसले पर कोई कार्यवाही किसी भी रुप में नहीं करेगी।