फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Bilaspur-Chhattisgarh News ›   Hearing on petition filed under RTE completed in High Court

Bilaspur: आरटीई के तहत दायर याचिका पर होईकोर्ट में सुनवाई पूरी, अदालत ने फैसले को रखा सुरक्षित, पढ़ें मामला

Tue, 18 Mar 2025 10:01 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 18 Mar 2025 10:01 PM IST
सार

याचिका में कहा गया है प्राइवेट स्कूलों में पहली कक्षा के नामांकन में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब छात्रों को मुफ्त में नामांकन लेना है एवं निशुल्क पढ़ाई कराना है। लेकिन गरीब बच्चों के नामांकन में प्राइवेट स्कूल के संचालकों की मनमानी जारी है।

विज्ञापन
Hearing on petition filed under RTE completed in High Court
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : highcourt.cg.gov.in

विस्तार

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस याचिका में कहा गया है कि प्रदेश के प्रमुख निजी स्कूलों में कुल सीटों का केवल तीन प्रतिशत ही आरटीई के तहत भरा जा रहा है। इसके साथ ही पिछले एक साल में आरटीई के तहत एडमिशन की संख्या में लगभग सवा लाख की गिरावट आई है। इसके बाद कोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग से पिछले वर्षों में आरटीई की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर हुए एडमिशन और रिक्त सीटों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। 

विज्ञापन


इससे पहले प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत ईडब्ल्यूएस और बीपीएल वर्ग के बच्चों के सही तरीके से एडमिशन नहीं होने को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया था। कोर्ट ने हाल ही में लागू नए नियमों से आरटीई सीटों में कटौती, एडमिशन में अनियमितता और फर्जी प्रवेश को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा था। इससे पहले हाईकोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि आरटीई अधिनियम के तहत स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करना बच्चों का मौलिक अधिकार है। गरीब माता-पिता भी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की इच्छा रखते हैं तो वे अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में नामांकन करा सकते हैं।
विज्ञापन


याचिका में कहा गया है प्राइवेट स्कूलों में पहली कक्षा के नामांकन में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब छात्रों को मुफ्त में नामांकन लेना है एवं निशुल्क पढ़ाई कराना है। लेकिन गरीब बच्चों के नामांकन में प्राइवेट स्कूल के संचालकों की मनमानी जारी है। घर से 100 मीटर के दायरे में एडमिशन के नियम के आधार पर कई बच्चों को प्रवेश वंचित किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि बड़े निजी स्कूल आरटीई के तहत आने वाले आवेदनों को जान-बूझकर खारिज कर रहे हैं। इसके बाद इन सीटों को डोनेशन और फीस लेकर भरा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed