{"_id":"647484664f789ef673027c07","slug":"chhattisgarh-high-court-order-to-provide-security-and-start-work-in-khandighat-iron-ore-mine-in-2023-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: खंडीघाट में आयरन ओर खदान में काम शुरू करने का आदेश; हाईकोर्ट ने कहा- प्रशासन उपलब्ध कराए सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: खंडीघाट में आयरन ओर खदान में काम शुरू करने का आदेश; हाईकोर्ट ने कहा- प्रशासन उपलब्ध कराए सुरक्षा
Mon, 29 May 2023 04:24 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 29 May 2023 04:24 PM IST
सार
कुछ महीने पहले नागपुर में रजिस्टर्ड यूनियन लेकन डेमोक्रेटिक खदान श्रमिक संघ के कुछ लोगों ने खदानों के कामों में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया। मजदूरों को भड़काने के साथ ही रोकने और काम बंद करने के लिए दबाव डालने लगे।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर जिले के खंडीघाट माइंस में आयरन ओर का उत्पादन और सप्लाई शुरू करने का आदेश दिया है। साथ ही इसके लिए प्रशासन को सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक संगठन के मजदूरों पर दबाव बनाने और काम बंद कराने को लेकर दायर याचिका पर हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। जजमेंट को एएफआर करते हुए महत्वपूर्ण मार्क किया है।
विज्ञापन
याचिका के अनुसार, याचिकाकर्ता हर्षमंदर रस्तोगी का दुर्ग और रायपुर में स्टील प्लांट है। साथ ही कांकेर के खंडीघाट में आयरन ओर माइंस उन्हें 2017 से लीज पर मिली है। यहां वे आयरन ओर माइनिंग कर अपने स्टील प्लांटों में सप्लाई करते हैं। खंडीघाट में कलेक्टर, सरपंच, एसडीएम, ग्रामीण और बाकी मुखिया लोगों की उपस्थिति में मजदूर कल्याण समिति खंडीघाट का गठन किया गया। साथ ही यह भी तय किया गया कि बाकी किसी और समिति या मजदूर संघ की उपस्थिति को अवैध माना जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में सभी कंडीशन तय होने के बाद तब से काम सुचारु रूप से चल रहा था। कुछ महीने पहले नागपुर में रजिस्टर्ड यूनियन लेकन डेमोक्रेटिक खदान श्रमिक संघ के कुछ लोगों ने खदानों के कामों में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया। मजदूरों को भड़काने के साथ ही रोकने और काम बंद करने के लिए दबाव डालने लगे। कुछ दिन बाद पूर्ण कम बंद करने की बात भी होने लगी। जो मजदूर जो कि कल्याण समिति खंडीघाट के थे और जो काम करना चाह रहे थे उनसे हिंसा, हाथपाई और जान से मारने की धमकी भी दी जाने लगी।
विज्ञापन
इस पर याचिकाकर्ता हर्षमंदर ने एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया। कार्रवाई नहीं होने पर कंपनी ने इसकी शिकायत कलेक्टर और एसपी से की। मांग की गई कि माइंस में पुलिस सुरक्षा दी जाए, जिससे काम शुरू हो सके। कोई सहयोग नहीं मिलता देख उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। कोर्ट ने माइंस में पुलिस सिक्योरिटी भेजने और आयरन ओर माइनिंग का काम शुरू करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट रतन सिंह ने पैरवी की।