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Bijapur: गढ़बो नवा भविष्य को मुंह चिढ़ाता मिरतुर का प्रयोगशाला भवन, 10 साल से नहीं हुए एक भी प्रयोग

Sun, 20 Aug 2023 04:14 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 20 Aug 2023 04:14 PM IST
सार

बारिश में टपकती छत, बिना बिजली के कमरों में स्कूल प्रबंधन कैसे लैब को संचालित कर सकता है। यह सोचनीय पहलू है। यहां के भवन में खिड़कियां जीर्ण शीर्ण हालत में टूटी फूटी हैं। वहीं दीवार, छत और फर्स जगह जगह से जर्जर हो चुके हैं। 

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Garhbo Nava in Bijapur Mirtur laboratory building teasing future
गढ़बो नवा भविष्य को मुंह चिढ़ाता मिरतुर का प्रयोगशाला भवन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीजापुर जिले की बदहाल शिक्षा व्यवस्था सुधार के बजाए गर्त में जाती हुई नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के गढबो नवा भविष्य की असलियत जानना हो तो आप सीधे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के हायर सेकेण्डरी स्कूल मिरतुर जाकर देख सकते हैं। इस स्कूल में 10 साल पहले बने प्रयोगशाला भवन की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है की वहां बैठना जान जोखिम में डालने के बराबर है। पहले ही भ्रष्टाचार की मार झेल चुका यह भवन 10 सालों से लाखों रुपए बर्बाद करने के बाद भी अपनी बदहाली की कहानी खुद कह रहा है । बारिश में टपकती छत, बिना बिजली के कमरों में स्कूल प्रबंधन कैसे लैब को संचालित कर सकता है। यह सोचनीय पहलू है। यहां के भवन में खिड़कियां जीर्ण शीर्ण हालत में टूटी फूटी हैं। वहीं दीवार, छत और फर्स जगह जगह से जर्जर हो चुके हैं। इतने बदहाल भवन में लैब के सामान को महज शोपीस जैसे रखे गए हैं।

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संस्था के प्राचार्य डीडी नागेश ने बताया कि लैब भवन जैसा बनना था वैसे बन नहीं पाया। उन्होंने बताया कि इसमें कम्प्यूटर क्लास भी लगना था। किंतु आज तक यहां के लिए कम्प्यूटर आया ही नहीं। प्राचार्य नागेश का कहना है कि 10 साल पहले करीब 22 लाख रुपये की लागत से इस भवन का निर्माण कराया गया था।  भवन की जर्जरता के चलते हम छात्रों को प्रयोग नहीं करा पाते है।  जिससे उनके पढ़ाई और परिणाम पर विपरीत असर पड़ रहा है। 

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दस साल पहले बने यह भवन शुरू से ही घटिया निर्माण के चलते उपयोग में नही लाया जा सका। शाला प्रबंधन ने विभाग से कई बार गुहार लगाई लेकिन सारी गुहार विभाग की उदासीनता के चलते धरी की धरी रह गई । अब आलम यह है की साल भर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को प्रैक्टिकल से महरूम होकर अच्छे नंबर लाने की आस अधूरी रह जा रही है। इस बारे में बीईओ भैरमगढ़ एसआर नेताम से पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी ज्यादा कुछ नहीं हैं। उनका  कहना था कि इस बारे में वहां के प्रिंसिपल ही बता पाएंगे।

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