फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   bijapur news woman Naxalite wanted In many cases surrendered in front of the police

Bijapur News: कई हमलों के मामले में वांछित महिला नक्सली ने किया सरेंडर, सिर पर था पांच लाख रुपये का ईनाम

Sun, 05 Jun 2022 03:32 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 05 Jun 2022 03:32 PM IST
सार

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को दिए अपने बयान में बीजापुर की रहने वाली विद्रोही महिला ने खोखली माओवादी विचारधारा, दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और परिवार के प्रति लगाव को नक्सल आंदोलन छोड़ने का कारण बताया। 
 

विज्ञापन
bijapur news woman Naxalite wanted In many cases surrendered in front of the police
कई हमलों के मामलों में वांछित महिला नक्सली ने किया सरेंडर किया - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक महिला नक्सली ने अपनी बेटी से मिलने के लिए सरेंडर कर दिया। महिला अपनी को साथ लेकर पुलिस स्टेशन पहुंची। महिला के सिर पर पांच लाख रुपये तक का ईनाम घोषित किया गया था। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। 
विज्ञापन

2003 से प्रतिबंधित संगठन के लिए काम क रही थीं
विद्रोही के रूप में पहचाने जाने वाली सोमली सोढ़ी उर्फ वनिता (32) ने साल 2003 से प्रतिबंधित संगठन के लिए काम कर रही ती और 2018 में इसके स्थानीय संगठन नागरम के दस्ते की कमांडर थी। 
विज्ञापन

दुर्व्यवहार करते हैं नक्सली
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक अंजनेया वर्ष्णेय ने बताया कि उसने अपनी बेटी और परिवार की खातिर शनिवार को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को दिए अपने बयान में बीजापुर की रहने वाली विद्रोही ने खोखली माओवादी विचारधारा, दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और परिवार के प्रति लगाव को नक्सल आंदोलन छोड़ने का कारण बताया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

वह साल 2004 में आवापल्ली-इल्मिडीह सड़क विकास परियोजना को सुरक्षा प्रदान करने में लगे पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाली नक्सल टीम का हिस्सा थीं। 
रानी बोदली कैम्प पर भी किया था हमला
पुलिस अधीक्षक अंजनेया वर्ष्णेय ने बताया कि वह उस विद्रोही दल का भी हिस्सा थीं जिसने 2006 में आवापल्ली में पुलिसकर्मियों पर फायरिंग के बाद आईडी विस्फोट किया था, 2007 में सुरक्षा बलों के रानी बोदली कैम्प पर हमला और अन्य घटनाएं हुईं जिसमें 55 जवानों की शहादत हुई थी। 

पुनर्वास नीति के तहत मिलेगा लाभ
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वनिता द्वारा शनिवार को हथियार डालने के बाद उसे राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा। फिलहाल उसे 10 हजार रुपये की नकद सहायता दी गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed