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Chhattisgarh: भूपेश सरकार के 17 दिसंबर को पूरे हो रहे चार साल, गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा

Tue, 13 Dec 2022 06:50 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 13 Dec 2022 06:50 PM IST
सार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 17 दिसंबर 2018 को कामकाज शुरू किया था। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के तहत शुरू हुई गोधन न्याय योजना में 2 रुपये किलो में गोबर और 4 रुपये लीटर गौमूत्र की खरीदी करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना। 

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bhupesh govt will celebrate completion of four years as gaurav diwas
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के 17 दिसंबर को चार साल पूरे हो रहे हैं। इस दिन को सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की है। इस दिन सभी गौठानों, सहकारी सोसायटी परिसरों, धान खरीदी केंद्रों, तेंदुपत्ता संग्रहण केंद्रों, वनोपज प्रबंधन समितियों, हाट-बाजारों और नगरीय क्षेत्र के वार्डों में कार्यक्रम होंगे। इस दौरान राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री का संबोधन भी होगा। 

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इस तरह से होंगे कार्यक्रम

  • सभी गौठानों में सुबह 11 बजे किसानों, गौठान समिति के अध्यक्ष व सदस्यों, पशुपालकों, भूमिहीन मजदूरों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों के सदस्यों, राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों सहित स्थानीय निवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्हें योजनाओं और उनकी उपलब्धियों के बारे में बताएंगे। 
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  • प्रदेश के वन क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तेंदुपत्ता संग्रहण केंद्रों व वनोपज प्रबंधन समिति के कार्यालय स्थलों पर भी किसानों और मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। 
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  • नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर सुबह 11 बजे से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वार्ड के निवासियों को आमंत्रित कर शासन की चार सालों की उपलब्धियों के बारे में बताएंगे। 
  • दोपहर 3 बजे प्राथमिक सहकारी सोसायटी परिसर, धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को आमंत्रित कर ब्याज मुक्त ऋण योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की जानकारी दी जाएगी। 


चार साल में फसलों पर 16,401 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 17 दिसंबर 2018 को कामकाज शुरू किया था। सरकार बनने के दो घंटे में ही ढाई हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, किसानों की कर्ज माफी, सिंचाईं कर माफ करने जैसे वादे पूरे कर दिए। इसके बाद राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत करते हुए किसानों को फसलों पर इनपुट सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई। योजना के तहत चार सालों में अब तक 16,401 करोड़ 45 लाख रुपये की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया जा चुका है।

दो घंटे में माफ किया था किसानों का कर्ज
सरकार ने 17 लाख 82 हजार किसानों पर बकाया 9270 करोड़ रुपये का कृषि ऋण माफ कर दिया था। इसी तरह 17 लाख से अधिक किसानों पर सालों से बकाया 244 करोड़ 18 लाख रुपये का सिंचाई कर भी दो घंटे में  माफ कर दिया। इसके बाद साल 2018 से जून 2021 तक का 80 करोड़ रुपये का और बकाया सिंचाईं कर भी माफ कर दिया गया। इसी तरह सरकार ने अपना एक और वादा पूरा करते हुए बस्तर के लोहंडीगुड़ा में 1707 किसानों की 4200 एकड़ अधिग्रहित भूमि लौटा दी। 



गौमूत्र और गोबर खरीदी करने वाला पहला राज्य
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा दिया। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत 2 रुपये किलो में गोबर और 4 रुपये लीटर गौमूत्र की खरीदी करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना। राज्य में सुराजी गांव योजना के गरवा घटक के तहत निर्मित 9619 से अधिक गौठानों में गोधन न्याय योजना के साथ-साथ आजीविका मूलक गतिविधियों की भी शुरुआत की गई। इससे हजारों की संख्या में महिला स्व सहायता समूहों की सदस्यों को रोजगार मिला। 

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