भिलाई हादसे की उच्चस्तरीय जांच, 30 दिनों में रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भिलाई स्टील प्लांट पहुंचे केंद्रीय इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने घोषणा की है कि हादसे की जांच एक उच्चस्तरीय कमेटी करेगी।
उच्चस्तरीय जांच की रिपोर्ट 30 दिनों में आ जाएगी। दो दिनों में उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। उस रिपोर्ट के आधार पर जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तोमर ने कहा कि अभी जिला प्रशासन के माध्यम से मजिस्ट्रियल जांच की जा रही है। उच्चस्तरीय जांच कमेटी में स्टील अथारिटी आफ इंडिया (सेल) का कोई कर्मचारी नहीं होगा
पीड़ितों के लिए घोषणा
इस्पात मंत्री ने कहा कि हताहत पांच नियमित कर्मचारियों के परिवारों को नियमानुसार जो भी हितलाभ बनते हैं, दिए जाएंगे। उनके परिवारों को 25-25 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।
कांट्रैक्ट लेबर को 10 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। तोमर ने यह घोषणा भी की है कि आश्रितों को योग्यतानुसार नियुक्ति दी जाएगी।
जिन परिवारों के प्रमुख नहीं रहे हैं, वे उनके सेवानिवृत्ति के समय तक प्लांट में बने निवास स्थान का उपयोग कर सकते हैं। आगे भी जो आवश्यकता पड़ेगी, उसके मुताबिक सहायता दी जाएगी। प्लांट के सभी कर्मचारियों की सुरक्षा और विस्तार की दृष्टि से प्रयास किए जा रहे हैं। जिन लोगों ने जान जोखिम में डालकर दूसरों को बचाने का प्रयास किया है, उनका साहस प्रशंसनीय है।
इस्पात मंत्री बोले, 'देर से मिली जानकारी'
तोमर ने कहा कि घटना की जानकारी उन्हें ग्वालियर में मिली। मौसम खराब होने के कारण उन्हें पहुंचने में विलंब हुआ। प्लांट में हुई घटना दुखद है।
भारत सरकार ने घटना को गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन के द्वारा मजिस्ट्रियल जांच हो रही है। इसकी विभाग द्वारा अंदरूनी जांच भी होगी।
तोमर ने कहा है कि यह घटना गैस के पानी में मिलने के कारण हुई। गैस के पानी में मिलने से जहरीला असर होता है, उसके कारण यह घटना हुई है।
घायलों से की मुलाकात
तोमर ने कहा कि पाइप क्यों फूटा इसके कारण जानने की आवश्यकता है। नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार देर रात भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के हादसे में घायलों से सेक्टर-9 के अस्पताल जाकर मुलाकात की है। मुख्यमंत्री रमनसिंह, इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय और बृजमोहन अग्रवाल भी साथ थे।
भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में गुरुवार को हुए गैस रिसाव का असर शुक्रवार तक बना हुआ था। शुक्रवार को गैस रिसाव से प्रभावित पांच नए मरीजों को सेक्टर-9 के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रमनसिंह से बात करके पूरे मामले की जानकारी ली। राज्यपाल शेखर दत्त ने घायलों से मुलाकात की।
अब तक छह लोगों की मृत्यु इस हादसे में हो चुकी है। आईसीयू में अब भी छह मरीज भर्ती हैं, जिन्हें प्लांट का प्रशासन खतरे से बाहर बता रहा है। अस्पताल में आईसीयू के बाहर जिन 26 मरीजों को इलाज के लिए लाया गया था, उनमें से 15 की छुट्टी कर दी गई है। अब 14 का इलाज चल रहा है।