भिलाई स्टील प्लांट हादसे के बाद इस्पात मंत्री घटनास्थल रवाना
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भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में गुरुवार को हुए हादसे के बाद केंद्रीय इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भिलाई रवाना हो गए हैं। वह करीब तीन बजे प्लांट का दौरा करेंगे। जांच और कार्रवाई का निर्णय उनके इस दौरे के बाद किया जाएगा।
तोमर ने अमर उजाला को बताया कि अभी प्रारंभिक स्तर पर जांच की बात हुई है लेकिन इस बारे में निर्णय स्टील प्लांट का दौरा करने के बाद किया जाएगा। तोमर ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सभी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
अब तक छह लोगों की मौत हो गई है। अब भी छह लोग आईसीयू में भर्ती है। हादसा पानी की पाइपलाइन फटने और उसके बाद मीथेन व कार्बन मोनोआक्साइड गैस रिसने के कारण हुआ। जिसमें करीब 20-25 लोग घायल हुए हैं।
अभी तक 6 की मौत
बीएसपी के जनसंपर्क अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि घटना में छह लोगों की मृत्यु हो चुकी है। 21 घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अभी अस्पताल के वार्ड में 9 लोगों का इलाज किया जा रहा है, जिनकी स्थिति खतरे से बाहर है। घटना के तुरंत बाद 36 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्लांट के प्रवक्ता का कहना है कि मृतकों में दो डीजीएम स्तर के अधिकारी बीके सिंह (53 वर्ष) और एनके कटारिया (53 वर्ष) शामिल हैं। इनके अलावा मास्टर टेक्निशियन, सीनियर आपरेटर, असिस्टैंट टेक्निशियन शामिल हैं। श्रमिकों की संख्या कम है। यह कारखाना स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेल (सेल) का अग्रणी उपक्रम है। जहां स्टील रेल और फ्लैट्स बनाए जाते हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा प्लांट की ब्लास्ट फरनेस में स्टील को ठंडा करने के लिए पानी पहुंचाने वाली पाइप व पंपहाउस नंबर-टू फटने के कारण हुआ। पानी की पाईपलाइन के साथ जाने वाली मीथेन व कार्बन मोनो आक्साइड की पाइप लाइन से गैस रिसाव हुआ। दोनों विषैली गैसों के प्रभाव से इन लोगों की जानें गईं। लेकिन तुरंत ही गैस रिसाव पर काबू कर लिया गया, इसलिए वहां कोई नुकसान की आशंका नहीं है।