कला उत्सव का आयोजन: स्कूली बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को निखारना मकसद, छात्र-छात्राओं ने बिखेरी चटक रंगी छटा
कला उत्सव के इस आयोजन में जिले भर से स्कूली छात्र-छात्राएं चिन्हित होकर पहुंचे। इन्होंने संगीत नृत्य नाटक मिट्टी कला सहित लगभग 10 विधाओं में अपने कला का प्रदर्शन किया।
विस्तार
बालोद जिले के विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नवमी से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के शिक्षक स्टार के साथ-साथ उनमें छिपी प्रतिभा को निखारने समग्र शिक्षा अभियान के तहत बालोद जिले के कला केंद्र में कला उत्सव का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानना उसे पोषित करना और शिक्षा में कला को बढ़ावा देना है। कला उत्सव के इस आयोजन में जिले भर से स्कूली छात्र-छात्राएं चिन्हित होकर पहुंचे। इन्होंने संगीत नृत्य नाटक मिट्टी कला सहित लगभग 10 विधाओं में अपने कला का प्रदर्शन किया। इसमें शास्त्रीय पारंपरिक स्वर इत्यादि विधाओं में स्कूली छात्राओं की प्रतिभा देखते ही बन रही थी।
10 विधाओं में आयोजन
इस कला उत्सव कार्यक्रम में 10 विधाओं के साथ-साथ अन्य विधाओं में स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया जिसमें शास्त्रीय संगीत, पारंपरिक लोक संगीत, संगीत वादन, संगीत स्वर वाद्य, शास्त्रीय नृत्य लोक, नृत्य दृश्य कला, द्विआयामी दृश्य कला, स्त्री आयामी, स्थानीय खिलौने एवं खेल नाटक एकल अभिनय जैसे विधाओं में बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी। विशेष कर मिट्टी कला के लिए बच्चे अपने-अपने घरों और गांव से मिट्टी लेकर पहुंचे थे और खूबसूरत कलाकृतियां मिट्टी के माध्यम से उकेरने का प्रयास स्कूली छात्र एवं छात्राओं द्वारा किया गया।
जानिए प्रक्रिया
कला उत्सव का आयोजन पूरे जिले भर के प्रत्येक विद्यालयों में पहले विद्यालय स्तर पर आयोजित किया गया जिसके बाद चयनित बच्चों को विकासखंड स्तर पर मंच प्रदान किया गया। वहां से चयन होकर आए बच्चों को अब जिला प्रशासन जिला शिक्षा विभाग द्वारा बालोद शहर के कला केंद्र में मंच दिया गया है यहां पर संगीत की सारी सामग्रियां उपलब्ध हैं। वृत्त के लिए भी मंच की व्यवस्था यहां पर पहले से मौजूद है। इसलिए इस बेहतरीन स्थल पर कला उत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं ने चटक रंगी छटा बिखेरी।