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Balod: धरना स्थल पर बजाया नंगाड़ा, सचिवों ने सरकार को जगाने के लिए किया प्रदर्शन

Tue, 08 Apr 2025 03:13 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 08 Apr 2025 03:13 PM IST
सार

बालोद में जिले भर के पंचायत सचिव शासकीयकरण की मांग लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं, ऐसे में आज सरकार तक अपनी बात पहुंचाने सचिवों ने अनोखे ढंग से प्रदर्शन किया।  

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Nagada was played at the protest site secretaries protested to awaken the government in Balod
सचिवों का अनोखा प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बालोद जिले भर के पंचायत सचिव शासकीय कारण की मांग लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं ऐसे में आज सरकार तक अपनी बात पहुंचाने सचिवों ने अनोखे ढंग से प्रदर्शन करते हुए धरना स्थल पर नगाड़ा और मंजीरा बजाकर प्रदर्शन किया सचिवों ने बताया कि बीते विधानसभा चुनाव में सरकार के लोगों को मोदी की गारंटी के तहत शासकीयकरण किए जाने का वादा किया गया था। राज्य में भाजपा की सरकार बने अब दो साल होने जा रहे है। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई इसलिए प्रदर्शन किया जा रहा है उन्होंने कहा यह प्रदर्शन यहीं तक नहीं रुकेगा बल्कि हम जंतर मंतर तक भी जाएंगे।

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सचिन मुकेश्वरी साहू ने बताया कि सरकार कहती है कि मोदी की गारंटी गारंटी के पूरा होने की गारंटी है लेकिन हमारे शासकीय कारण का वादा भी इन्होंने मोदी की गारंटी में शामिल किया था लेकिन अब स्थिति यहां तक आ गई है कि कोई सरकार के लोग इस विषय पर बात तक नहीं कर रहे नई सरकार बन गई है लेकिन अब तक हमारे विषयों को गंभीरता से नहीं लिया गया जिस कारण हम अनोखे ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं आज हमने नगाड़ा बजाकर प्रदर्शन किया है कल रामायण पाठ भी करेंगे।
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जीवनयापन के संकट से जूझ रहे सचिव
सचिव पन्नालाल सिन्हा ने बताया कि स्थिति यह है कि 17 मार्च 2025 से पंचायत सचिव हड़ताल पर हैं। कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ शीघ्र होने वाले हैं, जिनके पास पेंशन या किसी अन्य प्रकार का सहारा नहीं है। 1995-96 से अल्प वेतन पर सेवा दे रहे सचिव अब जीवनयापन के संकट से जूझ रहे हैं।सरकार जल्द से जल्द पंचायत सचिवों का शासकीयकरण कर उन्हें न्याय दे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। सचिवों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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काम करने का सरपंचों को नहीं मिला मौका
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद से ही सचिव हड़ताल पर चले गए हैं और सरपंच के रूप में नव निर्वाचित सरपंचों को अब तक काम करने का मौका नहीं मिला है कई तरह के हिसाब किताब से लेकर शासकीय नियम कानून की जानकारी क्या भाव में कई सरपंच अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं सरपंच राजेंद्र कुमार साहू ने बताया कि सचिन के न होने से कई सारे काम अटक गए हैं।

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